अनिल विज टंकी पर चढ़ कर करते रहे ड्रामा, और लुटता रहा सरकारी खजाना -दुष्यंत चौटाला

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New Delhi, 31 March 2018

इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला का आरोप है कि हरियाणा में दवा व मेडिकल सामान खरीद घोटाले में गड़बड़ी सिर्फ जिला स्तर पर नहीं, बल्कि इस घोटाले में केंद्रीय स्तर पर भी घोटाला हुआ है।  दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्होंने हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के खरीद के आंकड़ों का जवाब देते हुए कहा कि हरियाणा में पिछले तीन वर्षों के दौरान जिला स्तर व राज्य स्तर पर केवल 40 करोड़ की दवाईयां नहीं बल्कि खरीद का आंकड़ा 200 करोड़ से उपर का है। उन्होंने इस खरीद को लेकर जुटाए गए आंकड़ें और कागजात भी पत्रकारों के समक्ष प्रस्तुत किए।

दुष्यंत ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री या तो गलत आंकड़े प्रस्तुत कर या तो जनता को गुमराह कर रहे हैं या फिर अधिकारी स्वास्थ्य मंत्री को गुमराह कर रहे हैं।
दुष्यंत चौटाला ने पत्रकार वार्ता में आरटीआई से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर कहा कि मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के तहत केंद्रीय  जिला स्तर पर डेढ़ वर्ष में 176. करोड़  24 लाख रूपये के दवाईयां, उपकरण व अन्य सामान खरीदा गया है। यह आंकड़ा वर्ष 2015-16 तथा 2017 के दिसंबर तक है। तीन वर्ष अवधि में यह राशि दोगुनी हो जाएगी।
नेशनल हेल्थ मिशन के तहत हरियाणा में की गई खरीददारी का आंकड़ा इससे अलग है। उन्होंने कहा कि जो आंकड़े आरटीआई से प्राप्त हैं, उनके अनुसार एनएचएम के तहत हरियाणा के जिलों में 808 करोड़ 13 लाख 91 हजार 488 रूपये खर्च किए गए है जबकि अधिकारिक वैबसाईट पर यह आंकड़ा 1457 करोड़ रूपये का है।
     
सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हरियाणा सरकार ने ओम सर्जिकल इंडस्ट्रीज से जम्मू-कश्मीर सरकार को दिए टेंडर रेट पर दवाईयां खरीदी जबकि जम्मू-कश्मीर सरकार ने ओम सर्जिकल इंडस्ट्रीज को दो वर्ष के लिए ब्लैक लिस्ट कर दिया था। उन्होंने कहा कि जिस कंपनी को जम्मू कश्मीर सरकार ने ब्लैक लिस्ट कर दिया, उस कंपनी के रेटों पर हरियाणा सरकार ने दवाईयां व अन्य मेडिकल सामान क्यों खरीदा।
16 गुना ज्यादा दाम पर खरीदे उपकरण – दुष्यंत 
इनेलो संसदीय दल के नेता ने कुरूक्षेत्र व हिसार जिलों में खरीदे गए मेडिकल के विभिन्न आईटमों के रेटों में कई गुना अंतर मिला। सांसद ने बताया कि कुरूक्षेत्र में एलिवेटर 300 रूपये में खरीदे गई, वही ऐलिवेटर हिसार में जीके कंपनी से 4500 रूपये, कुरूक्षेत्र में जीआईसी रेस्ट्रोरटिव 400 रूपये में खरीदा गया वही हिसार में 2900 रूपये में खरीदे गए। इसी तरह एक्सट्रेक्शन फोरसेप कुरूक्षेत्र के 425 रूपये के मुकाबले हिसार में 6900 रूपये यानि 16 गुना ज्यादा दामों पर खरीदे गए।
उन्होंने कहा कि यह दवा घोटाला की एक छोटी तस्वीर है, खरीद की पूरी पिक्चर में बड़ी धांधली है।
उन्होंने हिसार में की गए पांच टेंडर के कागजात प्रस्तुत करते हुए कहा कि बार-बार उन्हीं कंपनी से खदीद की गई जोकि फर्जी पाई गई हैं और इन्हें ही कोटेशन के आधार पर करोड़ों रूपये के खरीद आर्डर दिए गए। इतना ही नहीं उन्होंने जेके ट्रेडर्स कंपनी के बिल भी प्रस्तुत करते हुए खुलासा किया कि किस प्रकार लगातार बिलबुक से लाखों रूपये के बिल काटे गए।
‘हरियाणा फार्मेसी कांउसिल के चेयरमैन के परिवार पर कमीशन खाने का आरोप’
उन्होंने कृष्णा इंटरप्राइजिज कंपनी के बारे में खुलासा करते हुए कहा कि यह हरियाणा फार्मेसी कांउसिल के चेयरमैन सोहनलाल कंसल की पत्नी के नाम पर है इस कंपनी के नाम पहले टेंडर में 70 प्रतिशत, दूसरे टेंडर में 23 प्रतिशत, तीसरे टेडर में 16 प्रतिशत सामान खरीदा गया जबकि जेके कंपनी जोकि सोहनलाल कंसल का पुत्र कनिष्क कंसल अप्रत्यक्ष रूप से चला रहा है, को टेंडर का अधिकांश हिस्सा दिया गया। इसके अलावा सालासर ट्रेडिंग कंपनी को टेंडर जारी किए गए। इस कंपनी का कोई अता-पता नहीं है।
दुष्यंत चौटाला ने पत्रकार वार्ता में इन कंपनी द्वारा टेंडर के समय जमा करवाए गए सिक्योरिटी राशि चैक की कॉपी भी प्रस्तुत किए जिनपर कोई तारीख का उल्लेख तक नहीं है।

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