Home Breaking करियाने वाली फर्म से दस गुणा कीमतों पर दवाएं खरीद रही सरकार, 300 करोड़ से ज्यादा का घोटाला -दुष्यंत चौटाला

करियाने वाली फर्म से दस गुणा कीमतों पर दवाएं खरीद रही सरकार, 300 करोड़ से ज्यादा का घोटाला -दुष्यंत चौटाला

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Yuva Haryana
Chandigarh, 18 March 2018

सांसद दुष्यंत चौटाला ने हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में खरीदी जा रही दवाईयों में घोटाले का बड़ा आरोप लगाया है। चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दुष्यंत ने कहा कि पिछले तीन सालों में ढेरों दवाईयां की तय सरकारी रेट से कई गुणा दामों पर खरीदी गई है।
दुष्यंत का आरोप है कि जिला स्तर हुई दवाओं खरीद में पूरी तरह धांधली बरती गई, इनके लिए निर्धारित न तो नियमों का पालन किया और न ही उनकी कीमतों का ध्यान रखा गया। सरकार की शह पर अधिकारियों की मनमर्जी से किए गए इस करोड़ों रुपए के खेल में जम कर सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाई गई।
करीब सौ करोड़ रूपये की इस खरीद में धांधली का आलम यह था कि किरयाना की दुकान चलाने वाली फर्मों के नाम पर भी कोटेशन और बिल बनाकर राष्ट्रीय हेल्थ मिशन और मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के तहत करोड़ों रुपए गोलमाल किए गए।
मामला यहीं नहीं थमा, अपनी जेबें गर्म करने के खातिर अधिकारियों ने सरकार द्वारा निर्धारित तय दामों से भी कई गुणा कीमतों पर दवाइयां खरीद कर सरकारी खजाने को चपत लगाई गई। इनेलो सांसद ने कहा कि यह सारा खेल सीएम और स्वास्थ्य मंत्री की शह पर खेला गया। उन्होंने कहा कि आरटीआई से जुटाए गए साक्ष्यों में तीन वर्षों मेें सौ करोड़ रुपए से भी अधिक का घोटाला किया गया और इसकी गहनता से जांच की जाए तो यह आंकड़ा तीन सौ करोड़ रुपए तक भी पहुंच सकता है।
इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला ने आरटीआई से जुटाए गए कागजात के आधार पर कहा कि रोहतक में बिना किसी कमेटी के गठन के तीन करोड़ की दवाइयों की खरीद की गई है और आरटीआई में जिस कमेटी को दर्शाया गया है, उस कागज पर न तो ऑफिशियल नम्बर है और न ही कोई तारीख है। यानि कि यह सारा मामला फर्जीवाड़े का है।
इसी प्रकार हिसार की जीके ट्रेडिंग कंपनी जो करियाना व घी के टिन नम्बर के साथ चिकित्सीय उपकरण सरकार को उपलब्ध कराती है। उन्होंने कहा कि हिसार में आधिकारिक तौर पर कोई भी टेंडर या कोटेशन किसी भी अन्य फर्म को नहीं मिले और न ही इसका कोई रिकार्ड उपलब्ध है। इसका मतलब है कि हिसार जिले में इस सामान की खरीद को लेकर सिविल सर्जन व इस फर्म ने अपनी मनमानी की है।

आरोप है खरीदे गए सामान के बिल सरकारी रेट या मार्केट में उपलब्ध सामान के रेट से कई गुणा ज्यादा हैं।
दस गुणा तक महंगे दामों पर खरीदी जा रही दवाएं, बिल नकली फर्म के लगे मिले आरटीआई में
सिविल सर्जन फतेहाबाद में फेसमास्क जिसकी सरकारी खरीद की दर 95 पैसे है, को 4.90 रुपए में खरीदा जो टेंडर रेट से लगभग पांच गुणा ज्यादा है। वहीं 500 ग्राम कॉटन रोल जिसका टेंडर रेट 99 रुपए था, उसको 140 रुपए की दर से खरीदा गया। इसी प्रकार हैंड सेनेटाइजर जिसकी टेंडर कीमत 185 रुपए थी, उसके लिए 325 रुपए का भुगतान किया गया। यह सब खरीद सरकार ने अपनी चहेते सप्लायर आरवीएक्स इंडस्ट्रीज से की है।
इसी प्रकार हिसार की जीके ट्रेडिंग कम्पनी से ईटीडीए वैक्यूटेंनर 5.50 रुपए की दर पर खरीदा जिसका टेंडर रेट 2.20 रुपए है इसी प्रकार ईटीडीए वैक्यूम फ्लोराइड, वैक्यूम सिट्रेट भी दो से तीन गुणा ज्यादा रेटों पर खरीदे गए। उन्होंने कहा कि सिविज सर्जन रेवाड़ी से मिली आरटीआई से पता चलता है कि शगुन ट्रेडिंग कंपनी हिसार, जिसके पास कोई ड्रग लाइसेंस नहीं है, उसके बावजूद रेवाड़ी की परचेज कमेटी ने ड्रग आइटम का टेंडर इस फर्म के नाम जारी किया था और यही फर्म इसी दौरान फतेहाबाद में भी सप्लाई का काम करती रही है।
इनेलो संसदीय दल के नेता ने मुख्यमंत्री से स्वास्थ्य विभाग में हुए इस घोटाले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की है। उन्होंने मंगलवार तक का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि मनोहर लाल खट्टर सरकार इसकी जांच सीबीआई से नहीं करवाती है तो वह स्वयं सीबीआई निदेशक से सुबूतों के साथ मिल कर इसकी सीबीआई जांच की मांग करेंगे।

देशद्रोह के आरोप में जेल में बंद शख्स की फर्म से दवाएं खरीद रही सरकार, टिन नंबर करियाणा व्यापारी का
हिसार व फतेहाबाद के सामान्य अस्पतालों में चिकित्सीय सामान की आपूर्ति करने वाली फार्म का मालिक नकली सिक्के बनाने के आरोप में तिहाड़ जेल में बंद है। जीके ट्रैडर्स ने हिसार व फतेहाबाद में लाखों रूपये के सामान की आपूर्ति की थी। जब इस बारे में टेक्स विभाग से इस फर्म के बारे में तथ्य जुटाए गए तो पता चला कि इस फर्म का मालिक गुलशन कुमार है और यह फर्म का टिन नंबर किरयाणा मर्चेट व वनस्पति ऑयल के नाम पंजीकृत है। किरयाणा मर्चेंट एवं वनस्पति का व्यापार करने वाली फर्म ने धड़ल्ले से मेडिकल उपकरण तथा अन्य सामान की आपूर्ति कर दी।

हरियाणा फार्मेसी काउंसिल के चेयरमैन के बेटे की फर्म को ट्रांसफर होते हैं पैसे -दुष्यंत
मेडिसन आपूर्तिकर्ता फर्म कृष्णा इंटरप्राइजिज हिसार, हरियाणा फार्मेसी कांउसिल के चेयरमैन सोहनलाल कंसल के पुत्र कनिष्क द्वारा संचालित की जा रही है। जुटाई गई जानकारी से पता चला कि सोहनलाल कंसल हिसार में वर्ष 2014-15 में स्टोर कीपर के पद पर कार्यरत रहा है और मनोहर लाल खट्टर सरकार ने सोहनलाल को मार्च में ही हरियाणा फार्मेसी कांउसिल का चेयरमैन नियुक्त किया है। सोहनलाल ने स्टोर कीपर रहते हुए कोई भी दवाई और सामान का टेंडर या कोटेशन अधिकारियों से मिलीभगत कर कार्यालय के रिकार्ड में दर्ज नहीं होने दिया।

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