शहीद लेफ्टिनेंट हवासिंह ने 1971 के युद्ध में पेश की शौर्य की नई मिसाल – दुष्यंत चौटाला

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  • शहीद लेफ्टिनेंट हवासिंह ने 1971 के युद्ध में पेश की शौर्य की नई मिसाल – डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला
  • उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने मिर्जापुर में शहीद लेफ्टिनेंट हवासिंह खेल स्टेडियम का उद्घाटन किया
  • खेल स्टेडियम में स्वैच्छिक कोष से इन्डोर हॉल बनवाने की घोषणा की

हिसार/चंडीगढ़, 16 दिसंबर।   

उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि मिर्जापुर में जन्में शहीद लेफ्टिनेंट हवासिंह ने सन् 1971 में हुए भारत-पाक युद्ध के दौरान शौर्य व बहादुरी की नई मिसाल कायम करते हुए अंतिम सांस तक दुश्मन से लोहा लेकर सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी बहादुरी ने जिला हिसार ही नहीं, पूरे देश का मान बढ़ाया।

उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने यह बात आज विजय दिवस पर गांव मिर्जापुर में वीर चक्र प्राप्त शहीद लेफ्टिनेंट हवासिंह की स्मृति में बनवाए गए खेल स्टेडियम का उद्घाटन करते हुए कही। उन्होंने स्टेडियम में बने शहीद स्मारक का भी उद्घाटन किया व शहीद को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उन्हें नमन किया। उन्होंने शहीद लेफ्टिनेंट हवासिंह वेलफेयर सोसायटी की मांग पर स्टेडियम में इन्डोर हॉल बनवाने की घोषणा की। उपममुख्यमंत्री ने स्टेडियम में कबड्डी प्रतियोगिता का शुभारंभ करवाया और खिलाड़ियो का परिचय लिया। इस अवसर पर पुरातत्व-संग्रहालय व श्रम-रोजगार राज्यमंत्री अनूप धानक व बरवाला विधायक जोगीराम सिहाग भी मौजूद थे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि शहीद लेफ्टिनेंट हवासिंह के जीवन के बारे में पढक़र उनकी बहादुरी व शौर्य का आभास होता है। सन् 1948 में गांव मिर्जापुर में जन्में हवासिंह ने सैकिंड लेफ्टिनेंट के रूप में 1971 के भारत-पाक युद्ध में दुश्मन की दो चौकियों में घुसपैठ करते हुए पहले बंदूक से दो दुश्मनों को मारते हुए एक बंकर को तबाह कर दिया। इसके बाद उन्होंने दुश्मन के पांच और बंकर तबाह करते हुए अपनी खुखरी से चार दुश्मनों को मौत के घाट उतारा। इसी युद्घ में लड़ते-लड़ते वे मातृभूमि पर शहीद हो गए। 21 नवंबर 1971 की रात को उनके द्वारा दिखाए गए अदम्य साहस, कत्र्तव्य, निष्ठा व शहादत के सम्मान में भारत के राष्ट्रपति द्वारा उन्हें मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया गया। ऐसे वीर सपूत को जितनी श्रद्धांजलि दी जाए, कम है।

डिप्टी सीएम दुष्यंत ने खेल समिति की मांग पर अपने स्वैच्छिक कोष से स्टेडियम में इन्डोर हॉल बनाने की घोषणा करते हुए कहा कि सरकार द्वारा खेल व खिलाडिय़ों को बढ़ावा देने के लिए सभी सुविधाएं तो मुहैया करवा दी जाएंगी लेकिन इसका असली लाभ तभी होगा जब इस स्टेडियम से राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकलें। इसके लिए उन्होंने क्षेत्र के लोगों से खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्टेडियम बनवाना आसान है लेकिन उसका सदुपयोग करके खेल प्रतिभाओं को तराशना चुनौतीपूर्ण कार्य है। उन्होंने खेल स्टेडियम के लिए 8 एकड़ जमीन देने पर मिर्जापुर की दोनों पंचायतों के सरपंच कृष्ण बूरा व राजबीर पूनिया के प्रयासों की भी सराहना की।

बरवाला विधायक जोगीराम सिहाग ने उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का स्वागत करते हुए कहा कि शहीद लेफ्टिनेंट हवासिंह जिला ही नहीं, पूरे देश के हीरो हैं। उन्होंने उपमुख्यमंत्री से गांव मिर्जापुर सहित हलके के सभी गांवों में विकास कार्य करवाने का अनुरोध किया। इनके अलावा ऑफिसर ट्रेनिंग अकेडमी में शहीद हवासिंह के ट्रेनिंग मेट रहे कर्नल सिद्धू, उनके सहपाठी रहे रिटायर्ड आईएफएस महेश मथानी, कर्नल डीबी नेहरा सहित अन्य वक्ताओं ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और शहीद हवासिंह से जुड़ी अपनी यादों को साझा किया। डॉ. रामनिवास ने अपने संबोधन में मुख्यातिथि उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का स्वागत व अभिनंदन किया।

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