जींद किसी रियासत की जागीर नहीं: दुष्यंत चौटाला

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Sahab Ram, Yuva Haryana

Jind, 18 Jan, 2019

आजादी के 72 वर्षों तथा हरियाणा गठन के 52 वर्षों के पश्चात आज भी जींद जिस बदहाल अवस्था में है उसके लिए यहां के राजनेता ही सर्वाधिक जिम्मेदार हैं। ऐसा नहीं है कि जींद की जनता ने जिन प्रतिनिधियों को चुन कर विधानसभा में भेजने का कार्य किया उन्हें अधिकार नहीं प्रदान किए गए। जींद की धरती ने अनेक ऐसे लोगों को विधानसभा में भेजने का कार्य किया है जो प्रदेश सरकार मेंं प्रभावशाली पदों पर रहे हैं। एक समय ऐसा भी था जब प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडलमें जींद जिले के पांच विधानसभाओं में से तीन विधानसभाओं के प्रतिनिधियों को प्रतिनिधित्व प्रदान किया गया था। इतना सब कुछ होने के बावजूद आज भी जींद की बदहाल स्थिति यह प्रमाणित करने का कार्य कर रही है कि जींद की दुर्दशा के लिए यहां के नेता ही सर्वाधिक जिम्मेदार हैं। एक तरफ जहां जींद में आधारभूत संरचनाओं का घोर अभाव है वहीं दूसरी ओर 21वीं सदी के इस युग में आज भी जींद के निवासी बिजली-पानी और सडक़-सीवर जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। उक्त बातें हिसार के सांसद दुष्यंत चौटाला ने उस समय कहीं जब वे अपने चुनावी जनसंपर्क कार्यक्रम के अंतर्गत शहर के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित जनसभाओं में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जींद उपचुनाव के शंखनाद के साथ ही साथ विभिन्न दलों के नेताओं द्वारा जींद पर अपना हक जताने के लिए होड़ सी लग चुकी है। विभिन्न दल के नेताओं द्वारा जींद पर अपना हक जताने के लिए तरह तरह के तर्क दिए जा रहे हैं। आज इन सभी नेताओं के मन में जींद के प्रति अपार प्यार उमड़ रहा है। इनमें से अनेक ऐसे नेता ऐसे भी हैं जो पूर्व में प्रदेश सरकार में प्रभावशाली पदों पर भी रह चुके हैं। लेकिन अपने उस कार्यकाल के दौरान उन्होंने जींद के विकास के लिए कुछ नहीं किया। सच तो यह है कि सत्ता के नशे में चूर इन नेताओं को उस समय जींद की याद ही नहीं आती थी। जींद बदलेंगे जिन्दगी बदलेेंगे का नारा देने वाले रणदीप सुरजेवाला जो प्रदेश में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान प्रदेश सरकार में एक महत्वपूर्ण हैसियत रखते थे और अनेक मंत्रालयों के साथ ही साथ लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य मंत्रालय भी इनके पास था। उल्लेखनीय है कि यही वह मंत्रालय है जो आधारभूत संरचाओं के विकास के साथ ही साथ नागरिकों को सडक़, सीवर एवं पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने के लिए उत्तरदायी होता है। लेकिन उस समय रणदीप सुरजेवाला को न तो जींद की याद आयी और उन्हें यह भी याद नहीं रहा कि वे जींद के बेटे हैं। उस समय तो सत्ता के मद में मदहोश सुरजेवाला अपनी जिन्दगी संवारने में लगे हुए थे। ना जाने वो कौन से कारण हैं कि आज अचानक उनके मन मेंं जींद के प्रति प्यार उमडऩे लगा है। मै तो उनसे केवल इतना पूछना चाहूंगा कि सूरजेवाला यह बताएं कि क्या कैथल के मतदाताओं ने आपको अपना प्रतिनिधि चुन कर कोई अपराध कर दिया था क्या? ऐसा कौन सा कारण है कि आप अचानक कैथल को छोड़ कर जींद के विधायक बनना चाहते हैं। जब आप कैथल के लोगों के साथ दगा कर सकते हैं तो जींद के लोग आप का विश्वास क्यों करें?
भाजपा प्रत्याशी पर तीखा हमला बोलते हुए दुष्यंत चौटाला ने कहा कि वे यह बताएं कि भारतीय जनता पार्टी ने जब अपने चार साल से भी ’यादा के कार्यकाल में जींद के लिए कुछ भी नहीं किया तो केवल उन्हें चुन कर विधानसभा में भेज देने से सरकार के रुख में अचानक कैसे परिवर्तन आ जाएगा। जींद के निवासी एक ऐसी पार्टी के प्रत्याशी को अपना प्रत्याशी कैसे चुन लेंगे जिस पार्टी ने सत्ता में होने के बावजूद जींद के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए कोई ठोस प्रयास ही नहीं किया।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जींद पर अपना हक जताने वालेे नेताओं को स्पष्ट रुप से यह समझ लेना चाहिए कि जींद किसी रियासत की जागीर नहीं है। जींदवासियों की जिन्दगी का जीता जागता रुप है जींद। जींद पर दावा ठोंकने वालों का नहीं बल्कि जींद से प्यार करने वालों का है जींद। उन्होंने कहा कि हम जींद से कितना प्यार करते हैं और जींद के लोग जननायक जनता पार्टी के प्रति कितना लगाव रखते हैं यह बताने की जरुरत नहीं है। जींद ही वो धरती है जहां से जननायक जनता पार्टी का जन्म हुआ है। सीधे शब्दों में कहें तो जननायक जनता पार्टी की जननी है जींद। ऐसी स्थिति में जननायक जनता पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए जींद का क्या महत्व है इसे आसानी से समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि जननी जन्मभूमि स्वर्गादपि गरीयसी। जननी और जन्मभ्ूामि का स्थान स्वर्ग से भी श्रेष्ठ एवं महान होता है। हम इस तथ्य से भली भांति परिचित हैं और हमारे मन में जींद की धरा एवं जींद के निवासियों के लिए अपार सम्मान एवं स्नेह है। हम केवल वादा ही नहीं करते हैं बल्कि हमने यह कसम खायी हुयी है कि हम जींद की धरा के निवासियों के कष्टों को दूर करने के लिए वो हर संभव उपाय करेंगे जो हम कर सकते हैं।

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