Home Breaking हैफेड के एमडी रहते बृजेंद्र ने किसानों के लिए लागू की थी पंजीकरण की शर्तें- दुष्यंत चौटाला

हैफेड के एमडी रहते बृजेंद्र ने किसानों के लिए लागू की थी पंजीकरण की शर्तें- दुष्यंत चौटाला

0
0Shares

Yuva Haryana

Chandigarh, 4 May, 2019

सरसों व गेंहू बेचने के लिए किसानों की हो रही दुर्गति के लिए भाजपा प्रत्याशी बृजेंद्र सिंह सीधे रूप से जिम्मेवार है। केंद्रीय इस्पात मंत्री बीरेंद्र सिंह के बेटे व भाजपा प्रत्याशी बृजेंद्र सिंह ने हैफेड के मैनेजिंग डायरेक्टर (एमडी) रहते हुए गेहूं-सरसों की सरकारी खरीद के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की शर्त लागू करके किसानों की राह में कांटे बो दिए थे। बृजेंद्र सिंह द्वारा थोपी गई शर्तों के कारण किसान अपनी सरसों-गेहूं की फसल बेचने के लिए आज दर-दर की ठोकरें खा रहा है। अब किसानों के पास तुगलकी शर्तों का जवाब देने का सही समय आ गया है। यह बात जेजेपी-आप गठबंधन के संयुक्त प्रत्याशी दुष्यंत चौटाला ने शनिवार को  हिसार लोकसभा क्षेत्र के आदमपुर हलके में आयोजित नुक्कड़ सभाओंं को संबोधित करते हुए कही।

गठबंधन प्रत्याशी ने कहा कि बृजेंद्र सिंह भाजपा की टिकट पर चुनावी मैदान में उतरने से पूर्व हैफेड के एमडी पद पर थे और उन्होंने इसी पद से बतौर सीनियर आइएएस अपना इस्तीफा दिया है। जिस दिन बृजेंद्र सिंह को टिकट मिली, उस दिन तक वे हैफेड के एमडी थे। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अपनी पद और शक्ति का उपयोग चुनाव लड़ने से पहले ही किसानों के खिलाफ कर रहा हो, उससे लोकसभा क्षेत्र के लोगों के हित में काम करने की उम्मीद कैसे की जा सकती है।

उनकी बनाई गई नीति के कारण किसान महीने भर तक पंजीकरण करवाने के लिए दर-दर की ठोकरें खाता रहा। अपनी सरसों की फसल को कई दिनों तक अनाज मंडी में खुले आसमान में रखी और बाद उसे अपनी फसल को तीन हजार से 32 सौ रूपये प्रति क्विंटल की दर से बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा। इतना ही नहीं सैंकड़ों किसानों की सरसों की फसल वर्षा के कारण अनाजमंडी में पड़ी बर्बाद हो गई क्योंकि सरकारी एजेंंसी हैफेड ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर न तो इसकी खरीद की और न ही फसल को भीगने से बचाने के लिए मंडियों में कोई बंदोबस्त किए।

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि इस सीजन में गेहूं व सरसों की खरीद के लिए हैफेड एमडी बृजेंद्र सिंह ने हर किसान को अपना ऑनलाइन पंजीकरण करवाने  का नियम अनिवार्य करवाया था और सरसों खरीद की लिमिट तय कर दी थी। बिना ऑनलाइन पंजीकरण के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरसों व गेहूं की  खरीद नहीं हो सकती।

जेजेपी-आप प्रत्याशी ने कहा कि वर्तमान भाजपा प्रत्याशी एवं पूर्व एमडी के इस कदम ने किसानों ऐसी दुर्गति हो गई कि उन्होंने कभी सपनों में भी नहीं सोचा था। सांसद दुष्यंत ने किसानों से अपील की कि अब उस एमडी से वोट की चोट मार कर बदला लेने का वक्त आ गया है जिसने आपकी दुर्गति की थी। उन्होंने आह्वान किया कि जात-पात से उपर उठकर आपसी भाईचारा बनाते हुए 12 मई को चप्पल के निशान का बटन दबा कर किसानों की दुर्गति करने वाले एमडी को घर भेजने का काम करें।

दौरे में पूर्व विधायक रणसिंह बैनिवाल, हलका प्रधान भरत सिंह बैनिवाल, रमेश गोदारा जाखोद, कृष्णा भाटी, एडवोकेट मनदीप बिश् नोई, इंद्र सिंह गोदारा, राजकुमार भोला, मास्टर भीम सिंह, आम आदमी पार्टी के प्रमोद बसवाना, रमेश छिंपा सदलपुर, मंगतराम, सुशील दुर्जनपुर, ईश् वर लौरा, सुनील सरपंच, सुनील फगेडिया, अभिषेक बिश् नोई, मुंशीराम बैनिवाल, इंद्र सिंह गोदारा, शमशेर पूव सरपंच, साहबराम मोडाखेड़ा, अजमेर सलेमगढ़ सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

 

Load More Related Articles
Load More By Yuva Haryana
Load More In Breaking

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

युवा हरियाणा टॉप न्यूज में पढ़िए प्रदेश की सभी छोटी बड़ी खबरें फटाफट

Yuva Haryana Top News 15 july 2020 1. हरियाणा &#…