देहात का राज वापिस लाने के लिए ‘दुष्यंत चले गांव-चौपाल’, हर दिन 8 गांवों में करेंगे जनजागरण

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Yuva Haryana

Chandigarh, 20 July, 2019

पूर्व सांसद दुष्यंत चौटाला आने वाले दिनों में हरियाणा के विभिन्न गांवों में ही रहेंगे। दुष्यंत ने तय किया है कि वे 24 जुलाई से राज्य के विभिन्न हिस्सों के गांवों में जाकर लोगों से सीधे मिलेंगे और उन्हीं के हिसाब से आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपनी रणनीति तय करेंगे। दुष्यंत चौटाला हर रोज दो विधानसभा क्षेत्रों के 8 गांवों में मौजिज लोगों, किसानों, मजदूरों और कर्मचारियों से मिलेंगे। वे सुबह का नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात का खाना भी अलग-अलग गांवों में करेंगे और रात्रि ठहराव भी गांव मे ही होगा।

तय कार्यक्रम के मुताबिक जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला 24 जुलाई की सुबह झज्जर जिले के बहादुरगढ़ हलके के गांवों से अपनी गांव-यात्रा की शुरूआत करेंगे। दोपहर तक इस हलके के 4 गांवों में जनसम्पर्क करने के बाद वे सोनीपत जिले के खरखौदा हलका पहुंचेंगे और वहां भी 4 गांवों में जनसम्पर्क करेंगे।

दुष्यंत का रात्रि भोजन और ठहराव रोहतक जिले के महम हलके में होगा जहां से वे अगली सुबह जनजागरण अभियान आगे बढ़ाएंगे।25 जुलाई को वे दोपहर तक महम हलके के 4 गांवों में लोगों से मिल चुके होंगे और शाम के वक्त वे जींद जिले के जुलाना हलके के गांवों में होंगे। उनका रात्रि ठहराव सफीदों हलके में होगा।

इसी तरह 26 जुलाई को दुष्यंत चौटाला जींद जिले के सफीदों और पानीपत जिले के इसराना हलकों में गांवों का दौरा करेंगे और ग्रामीणों से मिलेंगे। 27 जुलाई को उनके दिन की शुरूआत कैथल जिले के कलायत हलके से होगी और दोपहर बाद वे कैथल हलके के गांवों में रहेंगे।

विशेष बात ये होगी कि इस अभियान के दौरान दुष्यंत पूरी तरह हरियाणा के देहात के जीवन को जीएंगे और गांव दर गांव लोगों से उनकी फसल, पशु, परिवार, समाज, बच्चों की शिक्षा और रोजगार से जुड़े विषयों पर बात करेंगे। दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि इस अभियान के दौरान अगर किसी ने उनसे मुलाकात करनी होगी तो उन्हें भी किसी गांव में ही आमंत्रित किया जाएगा।

फिलहाल इस अभियान के तहत 27 जुलाई तक के गांवों के नाम और वहां जनसम्पर्क का तरीका फाइनल किया गया है। 28 जुलाई से ये अभियान कुरुक्षेत्र जिले के लाडवा और यमुनानगर जिले के रादौर से होता हुआ आगे बढ़ेगा। हर दिन दो हलकों के कुल 8 गांव कवर किए जाएंगे।

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि गांवों में रहने वाले सरकारी और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों से भी विशेष बैठकें करेंगे और प्रदेश में सुधार के लिए उनकी राय जानेंगे। किसान, छोटे व्यवसायी, मजदूर वर्ग के साथ उनकी मुलाकातें इस अभियान का मुख्य हिस्सा रहेंगी। जन जागरण अभियान में कहीं भी जनसभाएं या रैलियां नहीं होंगी और इस दौरान आम लोगों से सीधे संवाद पर जोर रहेगा।

दुष्यंत चौटाला का कहना है कि मौजूदा सरकार में गांवों ने खुद को अनदेखा महसूस किया है और वहां रहने वाले हर वर्ग पर सरकार की गलत नीतियों का दुष्प्रभाव पड़ा है। उनका कहना है कि गांवों में जाने वाली सड़कों, वहां बिजली-पेयजल के हालात, जोहड़ का रखरखाव, खेल स्टेडियम, सरकारी स्कूल में अध्यापक और सुविधाएं, पंचायती राज के जरिये विकास कार्य, सफाई, स्वास्थ्य, रोडवेज की सुविधा जैसे तमाम विषयों पर चर्चा की जाएगी और सरकार तक गांव की आवाज़ पहुंचाई जाएगी।

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