दुष्यंत की युवा सेना के चक्रव्यूह में फंसा चौधरी परिवार

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Yuva Haryana

18 Oct, 2019

हरियाणा की हॉटसीट उचाना कलां पर सबकी नजरें टिकी है क्योंकि वहा पर एक नहीं बल्कि दो परिवारों की पतिष्ठा दांव पर लगी है आपको बता दें कि बांगर इलाके की सबसे हॉट सीट उचाना कलां चौधरी बिरंद्र सिंह की पैतृक सीट है। 2014 के विधानसभा चुनाव में इस सीट  से बीरेंद्र सिंह की पत्नी प्रेमलता दुष्यंत चौटाला को हराकर विधायक बनी थी। पहली बार जींद इलाके में भाजपा का कमल खिला था बीरेद्रं सिंह के बेटे बृजेंद्र सिहं भी हिसार विधानसभा सीट से दुष्यंत चौटाला को हराकर सांसद बने। आपको बता दें कि मुख्यंमत्री पद का दावा ठोक रहे दुष्यंत चौटाला बीरेद्रं परिवार से दो बार हार चुके है  लेकिन अबकी बार दुष्यंत की पकड़ इन इलाकगो पर काफी मजबूत है इस बार चुनाव में चौधरी परिवार फंसता नजर आ रहा है। 2019 विधानसभा चुनाव में दुष्यंत का सामना बीरेद्रं की पत्नी मौजूदा विधायक प्रेमलता से है अब देखना ये है जीत का सहरा किसके सिर सजता है और किसको हार किसके साथ।अब सीधा मुकाबला वर्तमान विधायक प्रेमलता से है इस बार चौधरी परिवार दुष्यंत की युवा सेना च्रक्वयूह में बुरी तरह फसतें नजर आ रहे है क्योंकि चौधरी परिवार का उचाना कलां नगूरा और अलेवा बेल्ट में पकड़ कमजोर नजर आ रही है। वहीं इस चुनाव में दुष्यंत का साथ देती नजर आ रही है क्योंकि जनता का राष्ट्रीय मुद्दों को छोड़ स्थानीय मुद्दो का जिक्र कर रगे लोगों का कहना है कि चौ. बीरेंद्र सिंह 40 साल से मुख्यमंत्री बनने के नाम पर वोट मांग रहे है लेकिन अबकि बार मुख्यमंत्री के लिए जनता दुष्यंत चौटाला को चुनना चाहती है।

वहीं उचाना उपमंडल में शामिल होने से ग्रमिणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है अलेवा में लोगों का कहना है कि नगूरां के 21 गां जींद के तहत आते थे जींद की परिवहन व्यव्स्था ठीक है लेकिन अब उचाना  को उपमंडल का दर्जा देकर गांवो को उचाना में शामिल कर दिया है जिससे ग्रमिणों को बहुत दिक्कतों का सामनो करना पड़ता है लोगों का कहना है की भाजपा सरकार में रुटीन पर काम हुए है अगर बीरेंद्र सिंह चाहते तो सारे काम करवा सकते थे यहां युवाओं को रोजगार मिलता , बड़ा उधोग लगवा सकते थे लेकिन उन्होंने एक काम भी नहीं किया। लोगो का कहना है एक आजाद उम्मीदवार ने प्रेमलता का सारा खेल बिगाड़ दिया है। अभी अनुसुचित जाति और कुछ वर्गों के वोट साइलेंट है जो चुनावी समीकरण पर असर डालेंगे।

लोगो का कहना है कि कांग्रेस ने जो उम्मीदवार खड़ा किया है वो परंपरागत वोट साथ लेकर चल रहा है अबकि बार कांग्रेस का अच्छा प्रद्रर्शन है लेकिन इसका नुकसान भी भाजपा को ही होगा क्योंकि गांव कटवाल से बलराम कटवाल कांग्रेस प्रत्याशी चुनावी मैदान में है जिनका आस पास के गांव में अच्छा रसूक है।

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