आरोही स्कूलों को लेकर हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, अब 6वीं से 12वीं कक्षा तक होगी पढ़ाई

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 25 August, 2018

हरियाणा के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा कि सरकार ने 36 खण्डों में चल रहे आरोही विद्यालयों में मौजूदा सत्र से कक्षा 9वीं से 12वीं की बजाए कक्षा 6वीं से 12वीं की कक्षाएं चलाए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है ।

हरियाणा विद्यालय शिक्षा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरा खण्डेलवाल ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि शैक्षिक रूप से पिछड़े खण्डों में आरोही विद्यालयों की स्थापना करके सरकार ने शिक्षा के प्रचार-प्रसार की अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है। विद्यालयों में अध्यापकों के पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है।

इस सत्र से 6 से 8 तक की तीन नई कक्षाएं आरम्भ करके विभाग ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब अधिक से अधिक विद्यार्थी प्रदेश सरकार द्वारा प्रदत्त इस स्वर्णिम अवसर का लाभ उठाएंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में गांवों और शहरों के बीच की खाई को पाटने तथा दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में विश्वस्तरीय आधारभूत ढांचा तथा गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक माहौल प्रदान करके ये विद्यालय निश्चित रूप से एक वरदान साबित हुए हैं।

उन्होंने कहा कि लगभग 8 हजार विद्यार्थी इन विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।  इस सत्र से कक्षा छठी, सातवी व आठवी कक्षाओं के रूप में तीन कक्षाएं आ जाने से लगभग साढ़े चार हजार नए विद्यार्थी आरोही विद्यालयों की विशेष सुविधाओं से लाभान्वित होगें।

हरियाणा में ये विद्यालय भिवानी, फतेहाबाद, हिसार, सिरसा, कैथल, पानीपत, महेन्द्रगढ़, जींद, नूंह और पलवल जिलों में स्थित है। सहशैक्षिणव अंग्रेजी माध्यम के इन विद्यालयों की स्थापना का उद्देश्य शैक्षिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों में विश्वस्तरीय शैक्षिक सुविधाएं मुहैया करवाकर विद्यार्थियों को ऐसा परिवेश उपलब्ध करवाना था जहां वे ज्ञान-विज्ञान के साथ-साथ अपना सर्वांगीण विकास कर सकें।

इन विद्यालयों में आधुनिक उपकरणों से युक्त प्रयोगशालाएं, कम्प्यूटर लैब, स्मार्ट क्लास रूम, 10 विभिन्न खेलों के मैदान व अन्य खेल सुविधाएं दी जा रही हैं। उल्लेखनीय है कि ये अनुठे विद्यालय प्रदेश सरकार के ऐसे पहले स्मार्ट विद्यालय हैं जो नवोदय विद्यालयों की तर्ज पर ’सोसाइटी मोड‘ में चलाए जा रहे हैं ।

उन्होंने बताया कि ये सभी विद्यालय उन खण्डों में स्थित हैं जहां महिला साक्षरता दर काफी कम थी, इसलिए छात्राओं को विशेष सुविधा प्रदान करते हुए उनके लिए छात्रावास की नि:शुल्क सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है  और इसका सारा व्यय प्रदेश सरकार व केन्द्र सरकार सामूहिक रूप से वहन कर रहें हैं ।

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