प्री नर्सरी में खुल सकती है फ्री शिक्षा की राह, कोर्ट ने 15 फरवरी तक मांगा जवाब

Breaking चर्चा में बड़ी ख़बरें हरियाणा हरियाणा विशेष

YUVA Haryana

Chandigarh 12. jan. 2019

करीब 7200 मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में गरीबों को मुफ्त दाखिले नहीं मिल पाने के मामले में हाई कोर्ट ने सरकार को आखिरी मौका दिया है।15 फरवरी जवाब दाखिल नहीं होने पर अदालत अपने स्तर पर ही अंतिम फैसला सुना देगी। नियम के तहत प्री-नर्सरी में गरीब बच्चों को 25 फीसद दाखिले से बचते आ रहे निजी स्कूलो पर भी शिकंजा कसा जाएगा।

हाईकोर्ट में यह मामला पहले दो जमा पांच मुद्दे जन आंदोलन के संयोजक सत्यवीर सिंह हुड्डा ने उठाया था। हालांकि गरीब बच्चों को पराइवेट स्कूलों में मुफ्त शिक्षा का अधिकार दो जमा पांच मुद्दे जन आंदोलन की वजय से मिला है।अगस्त 2015 में प्रदेश सरकार ने नियमों में बदलाव करते हुए व्यवस्था की थी कि सरकारी स्कूलों मे सीट नहीं होने की स्थिति में नर्सरी से पहली कक्षा तक गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में मुफ्त दाखिला दिलाया जाएगा।

इसके खिलाफ भिवानी की जानवी ने हाई कोर्ट में याचिका डाल दी थी।हाई कोर्ट की डबल बैंच और फिर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद आरटीई एक्ट के तहत गरीब बच्चों को दाखिलों की व्यवस्था शुरू नहीं हो पाई है।

स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल परमार व संगठन के महामंत्री भारत भूषण बंसल ने कहा कि पहली से बारहवीं तक तो करीब 20 फीसद गरीब बच्चों को निजी स्कूलों मे दाखिला मिल रहा है,लेकिन प्री नर्सरी में यह लाभ मिलना शुरू नहीं हुआ।आगर बच्चों के हक में फैसला आता है तो लाखों गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाई करने क मौका मिलेगा ।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *