चुनावी ड्यूटी में बिमारी का बहाना करने वाले कर्मचारियों पर चुनाव आयोग ने कसी नकेल, जारी किए सख्त आदेश

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Naval Singh, Yuva Haryana

Tohana, 13 April, 2019 

लोकतंत्र के महान पर्व में भी कुछ कर्मचारी बिमारी का बहाना बनाकर अपनी जिममेदारी से टलने का प्रयास करते है। शायद ये बात चुनाव आयोग को भी खटक गई है, इसिलिए चुनाव आयोग ने ऐसे मैडिकल लीव पर कड़ा रूख अख्खितयार करते हुए नए नियम जारी किए हैं।

जिसके अनुसकार चुनावी ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को मेडिकल के आधार पर छुट्टी के लिए सिविल सर्जन (सीएमओ) से ही मेडिकल सर्टिफिकेट लेना होगा। उसी के आधार पर ही कर्मचारी की छुट्टी मंजूर की जाएगी।

इन आदेशों के बारे में जानकारी देते हुए टोहाना नागरिक अस्पताल से एसएमओं डॉ. सागु ने बताया कि चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों द्वारा मेडिकल के आधार पर फरलो मारने के मामले सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी कर्मचारी को मेडिकल रिपोर्ट जिला के सिविल सर्जन, सीएमओ से प्रमाणित करवानी होगी।

सीएमओ से प्रमाणित मेडिकल रिपोर्ट ही छुट्टी के लिए मान्य होगी। अन्य किसी भी तरीके की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर कर्मचारी को छुट्टियां नहीं दी जाएगी। इसके लिए कोई प्राईवेट चिकित्सक भी मान्य नहीं है सिर्फ सरकारी मैडीकल अफसर ही ऐसा कर सकते है।

चुनाव आयोग के यह आदेश इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि चुनावी ड्यूटी से भागने के लिए कर्मचारी आमतौर पर फर्जी मेडिकल रिपोर्ट का सहारा लेकर, मनमर्जी करते हुए चुनावी ड्यूटी से भागने की कोशिश करते हैं। ऐसे कर्मचारियों पर नकेल कसने के लिए चुनाव आयोग ने सीएमओ से सर्टिफाइड मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ही कर्मचारियों को छुट्टी देने के लिए कहा है। उच्च अधिकारी के सज्ञान में यह मामला जाने से अब चुनावी ड्यूटी से बिमारी का बहाना मारकर छुटटी लेना आसान नहीं होगा।

 

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