हरियाणा की बिजली कम्पनियां पहली बार मुनाफे में, बिजली के रेट कम करने पर हो रहा विचार -मुख्यमंत्री मनोहर लाल

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 05 July, 2018

बिजली विभाग के दोनों निगमों के मुनाफे में होने के बाद हरियाणा सरकार बिजली के घरेलु उपभोक्ताओं की दरें कम करने पर विचार कर रही है।  मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आज कैथल में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रदेश के गठन के बाद पहली बार उत्तर एवं दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम मुनाफे में पहुंचे हैं। भाजपा की सरकार आने के समय ये निगम 47 हजार करोड़ रुपये के घाटे में थे।

सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा ‘म्हारा गांव जगमग गांव’ योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 18 से 24 घंटे बिजली आपूर्ति देने का लक्ष्य रखा गया है तथा योजना के अनुसार लाईन लॉस कम होने वाले फीडरों पर नियमानुसार बिजली आपूर्ति में वृद्धि की गई है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा एक करोड़ 30 लाख एलईडी बल्बों की खरीद की गई है। आगामी 15 अगस्त तक सभी सरकारी भवनों में बिजली की बचत के उद्देश्य से एलईडी बल्ब लगाए जाएंगे तथा यह बल्ब आम जनता को भी दिए जाएंगे। साधारण बल्ब की अपेक्षा एलईडी बल्ब का बिजली का खर्च मात्र 10 प्रतिशत होता है। सरकार का प्रयास रहेगा कि हर बिजली प्वाइंट पर एलईडी बल्ब लगाया जाए।

 

जल सरंक्षण के संदर्भ में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल आपूर्ति के शत प्रतिशत कनैक्शनों पर टूंटी लगवाने वाली ग्राम पंचायतों को एक लाख रुपये तक का नगद ईनाम प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा अगले तीन माह में वाटर हार्वेस्टिंग के सभी रिचार्ज बोरों को चालू करवाया जाएगा तथा 500 मीटर के सरकारी व निजी प्लाटों में वाटर हार्वेस्टिंग के रिचार्ज बोर लगाना अनिवार्य किए जाएंगे।

प्रदेश में आउटसोर्सिंग के माध्यम से 19 कम्पनियों को शिक्षा विभाग में ऑनलाईन टैंडर से भर्ती करने हेतू सूचिबद्ध किया गया था। इनमें 12 कम्पनियां हरियाणा की तथा अन्य 7 कम्पनियां दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र आदि की हैं। उन्होंने कहा कि इन कम्पनियों द्वारा की गई भर्तियों में भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलने पर सरकार द्वारा इन भर्तियों को रद्द करते हुए जांच के आदेश दिए गए हैं। प्रदेश में भ्रष्टाचार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा जांच में दोषी पाई जाने वाली कम्पनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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