सरकार ने कई तरह के सरचार्ज में उलझा रखा है बिजली उपभोक्ताओं को -दिग्विजय चौटाला

Breaking Uncategorized बड़ी ख़बरें राजनीति हरियाणा
Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 26 June, 2018
इनसो राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बिजली विभाग में बड़ा गड़बड़झाला चल रहा है। दिग्विजय ने कहा कि आज जनता को अनेक तरह के आंकड़ों में उलझा कर उनसे नाजायज तरीके से बिजली विभाग चार्ज वसूल कर रहा है।
दिग्विजय का आरोप है कि कांग्रेस राज से चली आ रही इस गोलमाल में अब भाजपा भी शामिल हो गई है क्योंकि भाजपा ने बिजली विभाग के द्वारा दिए जा रहे बिजली के बिल में अनेक तरह के चार्जों केा हटाने की बजाए उन्हें वैसे का वैसा रखा जबकि बिजली विभाग स्वयं मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के पास है।
उन्होंने कहा कि यदि आज बिजली का बिल उठाकर देखा जाए तो उसके अंदर फ्यूल सरचार्ज, मीटर सर्विस चार्ज, वूमन रिबेट, म्यूंसिपल टैक्स सहित अनेक चार्ज लगाए गए हैं जबकि आम जनता इनमें से कुछ टैक्स अन्य सेवाओं में चुकाती भी है।
इनेसो नेता ने कहा कि आम जनता को जहां 2 रूपए 70 पैसे लेकर के 7 रूपए 10 पैसे प्रति यूनिट तक बिल देना पड़ता है वहीं बड़े उद्योगों को कनेक्शन देने के लिए 6 रूपए 35 पैसे रेट निर्धारित कर रखा है। उन्होंने यह भी कहा कि नाइंसाफी का आलम यह है कि दुकानदार को 6 रूपए 35 पैसे प्रति यूनिट 5 किलोवाट के साथ दिया जाता है। जो 50 किलोवाट तक 6 रूपए 95 पैसे पहुंच जाता है वहीं बड़े उद्योगों को मात्र 6 रूपए 65 पैसे में कनेक्शन दिया जाता है। अगर बिजली विभाग के टैरिफ कार्ड के उपर नजर दौड़ाई जाए तो बिजली विभाग के बड़े कारनामे सामने आने लाजमी हैं।
दिग्विजय ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ तो सरकार आम जनता को 24 घंटे बिजली मुहैया करने का वायदा करती है वही लेकिन धरातल पर बिजली मात्र 3 से 4 घंटे ही आती है। इनसो अध्यक्ष ने कहा कि आम जनता घर व दुकान  का टैक्स जहां नगरपरिषद अलग से देती है वहीं बिजली के बिल में अलग से म्यूसिपल टैक्स लिया जाता है। मीटर सरचार्ज के नाम पर भी जनता को बेवकूफ बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बिजली विभाग स्थाई तौर पर कर्मचारियोंं को भर्ती न करके प्राइवेट कम्पनियों के माध्यम से ठेके पर भर्ती करती है। भर्ती हुए लोग अनुभवहीन होते हैं जिन्हें रिडिंग लेना तक नहीं आता। सरकार की नाकामी का आलम यह है कि पिछले दिनों दिल्ली की एक कैमिकल इंटरनेशनल प्राईवेट लिमिटेड कम्पनी को विभाग ने ठेका दिया था जो इस काम करने में नाकाम साबित हुई। अब फिर दोबारा से एनर्जी सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटिड गुरुग्राम की कम्पनी को रिडिंग व बिजली वितरण का कार्य सौंपा गया है। जो कि सरकार की जनविरोधी नीति को दर्शाता है। उन्होंने बिजली विभाग के टैरिफ कार्ड में गलत तरीके से लगाए गए चार्जों को खत्म करने की मांग की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *