बीरबल दास ढालिया कहा- ग्यारह महीने बाद दिया गया त्याग पत्र प्रजातंत्र के साथ धोखा !

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Yuva Haryana
Chandigarh, 3 September 2019

एक प्रेसवार्ता के दौरान इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष बीरबल दास ढालिया ने कहा कि नैना चौटाला, अनूप धानक, राजदीप फोगाट, और पिरथी सिंह नम्बरदार द्वारा दल बदलने के ग्यारह महीने बाद दिया गया त्याग पत्र प्रजातंत्र के साथ धोखा है। उन्होंने यह प्रेसवार्ता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं आरएस चौधरी राष्ट्रीय प्रधान महासचिव और पार्टी के नीति एवं कार्यक्रम समिति के अध्यक्ष डॉ. एमएस मलिक की उपस्थिति में की।

बीरबल दास ढालिया ने ये भी कहा कि वास्तविकता यह है कि जब गत वर्ष अक्तूबर माह में इन चारों दलबदलू विधायकों ने जजपा का समर्थन करते हुए उसके गठन के समय मंच पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई थी, तभी से वे दलबदल कानून के प्रावधानों की परिधि में आ गए थे। उसके उपरांत इन दलबदलुओं ने इनेलो के प्रत्याशी के विरुद्ध जींद उप-चुनाव और फिर उसके उपरांत लोकसभा के चुनावों में भी प्रचार किया था। उनके दल बदलने की सत्यापना अनेक अखबारों के समाचारों एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के समाचारों से सभी पढ़ भी चुके हैं और देख भी चुके हैं।

इसके दृष्टिगत अब जब विधानसभा के भंग होने में कुछ ही समय बाकी रह गया है तब उनका त्याग पत्र सदन की गरिमा को चुनौति देने के साथ-साथ प्रजातंत्र के साथ भद्दा मजाक भी है। इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष ने यह भी कहा कि पिछले ग्यारह महीनों के दौरान वेतन, भत्ता और पेटिग्रांट उन्होंने अनैतिक और गैर-कानूनी तौर पर विधायक बने रहने के बाद ली है, उसे लेने का उन्हें कोई नैतिक या कानूनी अधिकार नहीं था। सैद्धांतिक रूप से यह सारी रकम उनसे वसूल की जानी चाहिए और उन्हें उस तारीख से दलबदल कानून के नियमों के प्रावधान के अनुसार उचित दण्ड दिया जाना चाहिए। यदि ऐसा न किया गया तो भविष्य में यह एक उदाहरण बनेगा और एक तरफ दलबदल कानून निरर्थक होगा और दूसरी तरफ प्रजातंत्र और विधानसभा की गरिमा एवं मर्यादा घटेगी।

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