दसवीं के छात्र के हौंसले की मिसाल, सरकारी स्कूल को गोद ले बदल दी तस्वीर

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Manu Mehta

Gurugram, (26 March 2018)

गुरुग्राम के सेक्टर 54 के सरकारी प्राइमरी स्कूल में तकरीबन 300 बच्चे पढ़ते हैं जो बेहद गरीब बच्चे हैं। निजी स्कूल में पढ़ने वाले दसवीं के एक छात्र तुषार मल्होत्रा ने स्कूल को गोद लेकर इन बच्चों के भविष्य को उज्जवल करने का जिम्मा उठाया है। तुषार इस स्कूल के पास ही ऑर्चिड अपार्टमेंट में रहता है।

गर्मी से बच्चों को राहत देने के लिए तुषार ने अपनी सेविंग से ना केवल स्कूल में पंखे लगवाए बल्कि वाटर कूलर भी लगवाएं है। इसके अलावा एक लाइब्रेरी भी स्कूल में स्थापित करवाई है ताकि देश के भविष्य की नीव कच्ची ना रहे जाए।  तुषार ने सभी बच्चों को नोटबुक भी दी है और शनिवार को खुद तुषार इन बच्चों को इंग्लिश की ट्रेनिंग देता है ।

पढ़ने की उम्र में दूसरों को पढ़ाने वाले नन्हें टीचर को स्कूल की दशा और दिशा बदलने का प्लान तब आया जब उसके स्कूल की तरफ से एक प्रोजेक्ट दिया गया। गुरुग्राम के पाथवेज स्कूल में  तुषार दसवीं क्लास में पढ़ता है।

तुषार गणित और विज्ञान में रुचि रखता है। लेकिन तुषार ने ऐसा प्रोजेक्ट चुना जिस से सरकारी सकूल की दशा और दिशा बदली जा सके। स्कूल की तरफ से तमाम बच्चों को अपनी मर्जी से कोई काम करने का एक प्रोजेक्ट दिया जाता है जिसमें ज्यादातर बच्चे एक विषय पर रिसर्च कर प्रोजेक्ट को पूरा करते हैं।

इस प्रोजेक्ट को लेकर पहले तो अपनी जमा की हुई पॉकेट मनी से उसने स्कूल पर खर्चा किया और जब बात नहीं बनी तो अपने मां बाप की सेविंग को भी स्कूल पर खर्च कर दिया लेकिन अब तुषार को लगने लगा कि पैसा कम पड़ेगा तो फिर तुषार ने फेसबुक पर एक पेज बनाया और आसपास के लोगों के साथ साथ रिश्तेदारों से स्कूल के नाम पर पैसा इकट्ठा किया। अब तुषार का सपना है की इसी तरह से हर बच्चे  को भी पढ़ने का मौका मिले आगे जाकर तुषार गुरुग्राम के इसी तरह के स्कूलों की सूरत बदलना चाहता है।

 

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