प्रदेश के 198 गांवों में नहीं बिकेगी शराब, पब का लाइसेंस महंगा- आबकारी विभाग

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हरियाणा में शराब करीब 20 फीसदी महंगी हो गई है। इसके अलावा एनसीआर के दो अहम जिलों गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी बार की सालाना लाइसेंस फीस में बढ़ोतरी हो गया है। अब इन जिलों की बार में बैठकर पीने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे।
वहीं सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर चलते हुए नैशनल हाइवे और स्टेट हाइवे के दोनों तरफ 500-500 मीटर की दूरी तक कोई ठेका नहीं खुलेगा।

हरियाणा आबकारी और कराधान विभाग के अतरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल ने आज हरियाणा की 2018-19 के लिए एक्साइज पॉलिसी घोषित की है। कौशल ने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा पर 500 ग्राम पंचायतों ने शराब न बेचे जाने के लिए आवेदन किया था, जिसमें से 198 आवेदन स्वीकार कर लिए गए हैं। इस साल 2018-19 में इन ग्राम पंचायतों में शराब नहीं बिकेगी।

उन्होंने बताया कि शराब की बिक्री में 3, 4 और 7 रुपये का शेयर पंचायती राज संस्थाओं के लिए रखा गया है। जिसका आवंटन पंचायती राज संस्थाओं के लिए 70 प्रतिशत, पंचायत समिति के लिए 20 प्रतिशत और जिला परिषद के लिए 10 प्रतिशत के अनुसार किया जाएगा।

नई आबकारी नीति

देसी शराब (सीएल) तथा अंग्रेजी शराब (आईएमएफएल) पर कर (डयूटी) तर्कसंगत की गई है टैक्स की विभिन्न नई श्रेणियां शुरू की गई हैं। देसी शराब पर आबकारी कर की दर 20 रुपये प्रति पीएल से बढ़ाकर 28 रुपये प्रति पीएल की गई है।

अंग्रेजी शराब (आईएमएफएल) की चार कैटिगरी पर आबकारी कर 40 रुपये प्रति पीएल से बढ़ाकर 70 रुपये प्रति पीएल किया गया है।

-बीयर पर डयूटी की दरें 25 रुपये से 40 रुपये प्रति बीएल थी जो अब 31 रुपये से 36 रुपये प्रति बीएल की गई हैं।

-वाइन पर डयूटी की दर 10 रुपये तय की गई है जबकि पहले यह तीन रुपये और चार रुपये प्रति बीएल थी।

बढ़ी बार की लाइसेंस फीस

गुरुग्राम में बार की लाइसेंस फीस 12.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये की गई है। फरीदाबाद में बार की लाइसेंस फीस 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 12 लाख रुपये की गई है और राज्य के अन्य जिलों में 7.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 9 लाख रुपये की गई है।

शराब पर वैट में भी संशोधन

शराब पर वैट की दरों में 10 फीसदी प्लस 5 फीसदी सरचार्ज की दर में भी संशोधन किया गया है। देसी शराब (सीएल) में 13 प्रतिशत प्लस 5 प्रतिशत सरचार्ज की दर। और बीयर में 13.5 प्रतिशत प्लस 5 प्रतिशत सरचार्ज की दर। आईएमएफएल में 14 प्रतिशत प्लस 5 प्रतिशत सरचार्ज की दर होगा। देसी शराब के मामले में कोटा ट्रांसफर फीस को 9 रुपये प्रति प्रूफ लिटर कम किया गया है और अंग्रेजी शराब (आईएमएफएल) के मामले में 6 रुपये प्रति प्रूफ लीटर कम किया गया है। देसी शराब (सीएल) और अंग्रेजी शराब (आईएमएफएल) की आबकारी ड्यूटी को भी तर्कसंगत किया गया है।

1000 रुपये से ज्यादा की शराब की सेल पर बिल

शराब की तस्करी और गैर-कानूनी बिक्री को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाते हुए विभाग द्वारा एक एन्फोर्समेंट विंग बनाएगा। लाइसेंस धारकों को हर 1000 रुपये से अधिक की बिक्री के लिए बिल जारी करना जरूरी होगा और यदि इससे कम की राशि है तो उपभोक्ता द्वारा मांगे जाने पर उन्हें बिल दिया जाएगा।

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