भारतीय महिला हॉकी के 50 साल के सफर की दुर्लभ तस्वीरें जुटाई कुलदीप अहलावत ने, लंदन में विश्व कप के दौरान लगाएंगे प्रदर्शनी

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Shweta Kushwaha, Yuva Haryana

Chandigarh, 18 July, 2018

21 जुलाई से लंदन में महिला हॉकी विश्व कप शुरू होने जा रहा है। इसमें रोहतक के कुलदीप अहलावत भारतीय महिला हॉकी को प्रमोट करने के लिए एक प्रदर्शनी लगाएंगे। भारतीय महिला हॉकी के 50 वर्षों की गौरव गाथा अब विदेश में भी नजर आएगी।

लंदन के स्टेडियम में करीब दो हफ्ते तक फैन एरिया में यह प्रदर्शनी की जाएगी। बता दें कि विदेशी धरती पर पहली बार भारतीय महिला हॉकी पर प्रदर्शनी लगाई जाएगी। खास बात यह होगी कि प्रदर्शनी एरिया में महिला हॉकी देखने आए लोगों का प्रवेश नि: शुल्क होगा। कुलदीप अहलावत के साथ- साथ इसमें सुनील कालरा की भी मुख्य भूमिका रही है।

कुलदीप अहलावत ने बताया कि लंदन के क्वीन एलिजाबेथ पार्क में इस प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें महिला हॉकी से जुड़े करीब 50 दुर्लभ चित्र लगाए जाएंगे, जो भारतीय हॉकी का गौरव बढ़ाएंगे।

प्रदर्शनी में लगाए जाने वाले 50 चित्र 1974 के पहले महिला विश्व कप से लेकर अगले 50 साल तक के दुर्लभ चित्रों को भी दर्शाया जाएगा।

कुलदीप अहलावत के अनुसार इसमें भारतीय हॉकी के जादुगर कहे जाने वाले मेजर ध्यानचंद के 50 साल पुराने हस्ताक्षरयुक्त चित्र के साथ तीसरी पीढ़ी की नेहा सिंह और अन्य भारतीय खिलाड़ियों के तमाम दुर्लभ घटनाओं को दर्शकों के साथ सांझा किया जाएगा।

ओलिम्पियन अशोक ध्यानचंद, पहली महिला हॉकी वर्ल्ड कप टीम की कप्तान अरजिंदर कौर, पूर्व कप्तान सूरजलता राजबीर कौर, ममता खरब और महिला हॉकी टीम के पूर्व भारतीय कोच – बालकिशन सिंह, बी. एस भंगू, सत्येंद्र वालिया, कर्नल बलबीर और एम.के. कौशिक ने इस चित्र प्रदर्शनी की सफलता की कामना की है।

प्रदर्शनी विश्व कप से पहले बृहस्पतीवार और शुक्रवार को लगाई जाएगी। शनिवार को इसका शुभारंभ किया जाएगा, जो की सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक लगाई जाएगी।

विदेश मे होने वाले इस आयोजन पर मुख्य प्रबंधक कुलदीप अहलावत का कहना है “मुझे बड़ी खुशी है कि लंदन मे रहकर मैं हिंदुस्तान के खेलों को बढ़ावा दे पा रहा हूं। मैं खेलों के प्रति पूरे तरीके से समर्पित हूं और आगे भी ऐसे आयोजन कराता रहूंगा”।

कुलदीप अहलावत मूल रूप से हरियाणा के भंभेवा इलाके के रहने वाले है। कुलदीप ना ही केवल खेलों के फैन है बल्कि दुनिया में होने वाले ज्यादातर अंतराष्ट्रीय खेलों को देखने और भारत को सपोर्ट करने ज़रूर पहुंचते है। कुलदीप 40 से ज़्यादा अंतराष्ट्रीय खेलों के साथ- साथ दो ओलम्पिक गेम्स का भी हिस्सा रहे हैं और ज़ोर- शोर से भारत को फैन के तौर पर अपना पूर्ण समर्थन देने पहुंचे है।

पूर्व ओलिम्पियन अशोक ध्यानचंद ने कहा कि 1928 में ध्यानचंदजी सहित पूरी टीम ने पहली बार ओलिम्पिक हॉकी में भाग लेकर स्वर्णिम सफलता हासिल करके भारतीय हॉकी को दिशा दी। उन्होंने कहा कि ध्यानचंद परिवार के नौ सदस्यों का राष्ट्रीय टीम और राष्ट्रीय स्तर पर खेलना और तीसरी पीढ़ी में नेहा सिंह और प्रिया राठौर का इस खेल को शिद्दत से अपनाना अपने आप में बड़ी उपलब्धि रही। वह भारतीय हॉकी से जुड़े हर चित्र को इस प्रदर्शनी में उभारे जाने से बेहद खुश हैं और इस प्रदर्शनी की क़ामयाबी के लिए शुभकामनाएं देते हैं।

इस प्रदर्शनी को लगाने वाले सुनील यश कालरा प्रो स्पोर्टीफाई के सीईओ हैं। महिला क्रिकेट टीम के इतिहासकार होने के अलावा इनकी पुस्तक वूमैंस क्रिकेट वर्ल्ड कप काफी चर्चित रही है। उन्हें ‘द हॉकी म्यूज़ियम, लंदन’ से इस प्रदर्शनी को आयोजित करने के लिए न्योता मिला था। वह इससे पहले चेन्नई में चैम्पियंस ट्रॉफी और 2010 में दिल्ली, लखनऊ और चंडीगढ़ में चित्र प्रदर्शनी लगा चुके हैं।

 

 

 

 

 

 

 

 

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