DSP रैंक के अधिकारी का टोल प्लाजा पार करने के लिए युवक ने दिखाया फर्जी पहचान पत्र, सीसीटीवी में घटना कैद

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Pradeep Dhankhar, Yuva Haryana

Bahadurgarh, 2 Feb, 2019

रोहतक नेशनल हाईवे स्थित रोहद टोल प्लाजा पर हरियाणा पुलिस के डीएसपी रैंक के अधिकारी का फर्जी आई कार्ड बरामद हुआ है। डीएसपी रैंक के अधिकारी का फर्जी आई कार्ड मिलने से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

दरअसल, रोहद टोल प्लाजा पर मुफ्त में टोल पार करने के लिए क्रेटा गाड़ी में सवार होकर वहा आए पांच युवकों ने यह कार्ड दिखाया था। जब टोल कर्मचारियों ने फर्जी आई कार्ड पहचान लिया, तो खुद को घिरा देख क्रेटा गाड़ी सवार युवक मौके से फरार हो गए। यह पहली बार नहीं है जब पुलिस के किसी बड़े अधिकारी का फर्जी आई कार्ड मुफ्त में टोल पार करने के लिए दिखाया गया हो।

इससे पहले रोहतक रेंज के आईजी संदीप खिरवार की फोटो लगा हुआ फर्जी पहचान पत्र भी एसी टोल प्लाजा पर पकड़ा गया था। हर बार पुलिस को भी मामले की शिकायत लिखित में दी जाती है। लेकिन आज तक कोई भी कार्रवाई पुलिस महकमे की ओर से इस संबंध में नहीं की गई है।

देश में फर्जी पहचान पत्र रखना युवाओं के लिए शोक बनता जा रहा है। इन्हीं फर्जी कार्डों के दम पर वह दूसरों पर रौब जमाते हैं। यहां तक कि नेशनल हाईवे पर बनाए गए टोल पर भी पैसे दिए बिना निकलने के लिए इनका इस्तेमाल करते हैं। बहादुरगढ़ में दिल्ली- रोहतक नेशनल हाईवे संख्या 9 पर रोहद टोल प्लाजा बनाया गया है। यहां कर्मचारियों ने हरियाणा पुलिस के डीएसपी रैंक के अधिकारी का फर्जी आई कार्ड पकड़ा है।

इस कार्ड पर फोटो फर्जी तरीके से कार चालक ने स्वयं का लगाया था। जबकि इस कार्ड पर हरियाणा पुलिस लिखा होने के साथ-साथ नाम राजेंद्र सिंह और रंक डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस लिखा हुआ है। वहीं कार्ड की दूसरी तरफ कार्ड धारक का पता कुरुक्षेत्र के पीपली की सरस्वती कॉलोनी का लिखा गया है।

कार्ड के पीछे एक इमरजेंसी मोबाइल नंबर भी लिखा हुआ है। इतना ही नहीं कार्ड जारी करने वाले की स्टेम्प और सिग्नेचर भी फर्जी तरीके से लगाए गए हैं। जब कर्मचारियों ने फर्जी आई कार्ड को पहचाना, तो क्रेटा गाड़ी युवक जल्दबाजी में अपनी गाड़ी लेकर फरार हो गए।

टोल मैनेजर नागेंद्र कुमार का कहना है कि रोजाना रोहद टोल प्लाजा पर करीब 50 व्यक्ति फर्जी आईडी कार्ड के सहारे टोल पार करते पकड़े जाते हैं। पुलिस में भी शिकायत दी जाती है। लेकिन अब तक किसी के भी खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। लेकिन अब पुलिस महकमे के इतने बड़े अधिकारी की फोटो वाला पहचान पत्र मिलने से पुलिस महकमा भी हरकत में आया है। लेकिन अब तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। वहीं पुलिस का कोई भी बड़ा अधिकारी इस संबंध में कैमरे के सामने कुछ भी कहने को तैयार नहीं है।

हम आपको बता दें कि वेस्ट हरियाणा हाईवे प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के पास दिल्ली के टिकरी बॉर्डर से रोहतक बाईपास तक टोल वसूलने का अधिकार है। 63 किलोमीटर की सड़क पर निर्माण कंपनी ने करीब 1200 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। जिनकी वसूली के लिए 2033 तक टोल वसूलने की मंजूरी मिली हुई है।

कंपनी अधिकारियों का कहना है कि हर रोज करीब 20 लाख की वसूली का अनुमान पहले लगाया गया था। लेकिन फर्जी आईडी और आसपास के कमर्शियल वाहनों की दादागिरी के कारण टारगेट से 50% की रिकवरी हो रही है। जिसके कारण टोल कंपनी को घाटा भी उठाना पड़ रहा है। टोल पर तैनात सुरक्षा अधिकारी ने लोगों से फर्जी कार्ड नहीं रखने की अपील की है और पुलिस कर्मचारियों से मांगने पर आईडी दिखाने की भी बात कही है।

 

 

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