फरीदाबाद की कंचन ने जीता दूसरा गोल्ड मेडल, दोनों पैर और हाथ न होने पर भी हौसला कायम

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Yuva Haryana

Panchkula 28 march, 2018

फरीदाबाद की कंचन ने 18वीं राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स चौंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीत कर ये साबित कर दिया है कि हौंसले अगर बुलंद हो तो इंसान अपनी मंजिल पा ही लेता है।

कंचन ने जेवेलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीता था और अब डिस्कस थ्रो में ये दूसरा पदक जीता है ।

बता दें कि इस जांबाज बेटी ने पिछले साल जयपुर में पैरा ओलंपिक गेम में शार्टपुट थ्रो, डिस्कस थ्रो और जैबलिंग थ्रो में तीन गोल्ड मैडल जीते थे।

कंचन ने बताया कि एक सड़क दुर्घटना में उन्होंने अपने दोनों पैर और एक हाथ खो दिया था। अपने आप को असहाय महसूस करती थी कंचन, लेकिन परिवार वालों के प्यार ने उसके दिल में जीने की इच्छा जगाई।

जिसके बाद कंचन अपने बुलंद हौंसलों के साथ आगे बढ़ती गई और आज ये मुकाम हासिल कर गौरव महसूस कर रही हैं।

कंचन के इस जज्बे को हम सलाम करते हैं।

निराशाजनक लोगों को कंचन एक सीख देती हैं कि जिन्दगी में कभी भी निराश होकर नहीं बैठना चाहिए। बल्कि दिल में अगर कुछ करने की चाह है तो उसे जरूर पूरा करनी चाहिए।

 

 

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