किसान बेहाल, आढ़ती मालामाल

खेत-खलिहान बड़ी ख़बरें हरियाणा

Ajay Atri

Rewari, (28 March 2018)

किसानों की स्थिति बेहद ही नाजुक है और हाल बेहाल है। आखिर जाएं तो कहां जाएं। यह हम नहीं कह रहे, बल्कि यह कहना है उन किसानों का जो अपनी खून-पसीने की कमाई कही जाने वाली फसल वाहनों में डालकर मंडी पहुंच रहे हैं।

इतना ही नहीं, समर्थन मूल्य पर पूरी मात्रा में खरीद न होने के कारण स्वराज इंडिया संगठन के सदस्य पिछले 9 दिनों से मंडी में धरना दे रहे हैं, लेकिन यहां शायद उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।

यह बात हैं रेवाड़ी अनाज मंडी की, जहां इन दिनों सरसों की खरीद को लेकर सुबह से ही मारामारी शुरू हो जाती है। पिछले 9 दिनों में अब तक मात्र 2665 क्विंटल सरसों की खरीद हो सकी है।

किसान आढ़तियों के हाथों लूटने को मजबूर हैं। वहीं आढ़तियों द्वारा करीब 6 गुणा सरसों की खरीद की जा चुकी है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि किसान हितैषी होने का दावा करने वाली खट्टर सरकार को किसानों से कितना सरोकार रह गया है।

किसानों की मानें तो फसल की खरीद मंडी में ना करके शहर से दूर बिठवाना में की जा रही है, जहां ना कोई शैड है और ना ही सुरक्षा के इंतजाम। साथ ही नमी का हवाला देकर उनकी फसल नहीं खरीदी जा रही।

वहीं खरीद के लिए तरह-तरह की शर्तें लगा रखी हैं, जोकि किसानों के साथ सरासर मजाक है और किसान अपने आपको ठगा सा महसूस कर रहा है। यह हाल तो तब है, जब पीएम के ऐलान के बावजूद प्रदेश सरकार उनके ऐलान को कोई तवज्जो नहीं दे रही। उनकी मांग है कि पूरी मात्रा में समर्थन मूल्य पर उनकी फसल खरीदी  जाए।

अब देखना यह होगा कि आखिर किसानों की समस्या  कौन दूर करेगा या फिर उन्हें इसी तरह आढ़तियों के हाथों बिकना पड़ेगा

 

 

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