रिक्शा चालक के बच्चों से लेकर IIM-IIT पास बने HCS अफसर, किसानों के बच्चे भी HCS में पास

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Sahab Ram, Yuva Haryana

हरियाणा में वीरवार को हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन की तरफ से HCS के 166 पदों पर परिणाम जारी किये गए हैं। इन परिणामों में सुखद बात ये हैं कि इसमें रिक्शा चालक के बच्चों, किसानों के बच्चे, तृतीय और चुतर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के बच्चों के अलावा IIT और IIM से पास भी शामिल हैं।

हरियाणा सरकार की योग्यता, पारदर्शी एवं निष्पक्षता से नौकरियां दिए जाने की प्रतिबद्धता के सकारात्मक परिणाम आने लगे हैं। इसका प्रत्यक्ष उदहारण एक बार फिर एचसीएस परीक्षा परिणामों में देखने को मिला है। कल आए परीक्षा परिणाम में जहां मजदूर व किसान के बच्चों से लेकर छोटे दुकानदार एवं तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों के बच्चों का चयन हुआ है, वहीं देश के प्रख्यात संस्थानों जैसे आईआईटी एवं आईआईएम से पास हुए विद्यार्थियों का भी चयन हुआ है। इससे आमजन का सरकार के प्रति विश्वास ओर बढ़ा है।

एचसीएस की परीक्षा में IAS जगदीप सिंह के बेटे विश्वजीत सिंह भी पास हुए हैं। विश्वजीत सिंह अंतरराष्ट्रीय स्तर के शूटर हैं और पिछले करीब एक साल से उन्होंने एचसीएस की परीक्षा की तैयारी पर अपना फोकस किया हुआ था।

विश्वजीत सिंह के पिता जगदीप सिंह हरियाणा में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं। विश्वजीत सिंह के दादा शिक्षा मंत्री रहे हैं जबकि उनके चाचा संदीप सिंह ने HCS की नौकरी छोड़कर राजनीति में किस्मत आजमाई थी। विश्वजीत के मामा सुरेंद्र सिंह भी HCS अधिकारी हैं।

                                      दादा, पिता, चाचा, मामा के बाद अब खुद HCS अफसर बने विश्वजीत सिंह

हरियाणा लोक सेवा आयोग के एक प्रवक्ता ने इस संबंध मे जानकारी देते हुए बताया कि पहले के मुकाबले इस बार एचसीएस परीक्षा की प्रक्रिया सबसे तेज रही है, जिसे आयोग द्वारा लगभग एक साल के अंदर पूर्ण किया गया है। उन्होंने बताया कि हरियाणा सिविल सेवा एवं अलाइड सेवाएं परीक्षा के 166 पदों के लिए लगभग सवा लाख आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से प्रारंभिक परीक्षा में 2211 उम्मीदवार पास होकर मुख्य परीक्षा के लिए क्वालीफाई हुए, उसके बाद 544 उम्मीदवारों ने मुख्य परीक्षा को उत्तीर्ण किया, जिनमें से 166 उम्मीदवारों का चयन किया गया है। उन्होंने बताया कि 166 उम्मीदवारों में से 48 एचसीएस, 7 डीएसपी, एक डीएफएससी, 11 ईटीओ, 18 तहसीलदार, 7 अस्सिटेंट रजिस्ट्रार कॉपरेटिव सोसाइटी, 44 एईटीओ, 19 बीडीपीओ, 2 ट्रैफिक मैनेजर, 4 डीएफएसओ तथा 5 एईओ चयनित हुए हैं।

सिरसा के छोटे से गांव फरवाई कलां के मनदीप कुमार ने भी एचसीएस की परीक्षा पास की है। मनदीप कुमार के पिता साधारण किसान हैं और मनदीप कुमार पिछले छह साल से फिजिक्स लेक्चरर के तौर पर कार्यरत थे। मनदीप कुमार ने सेल्फ स्टडी करके यह मुकाम हासिल  किया है। मनदीप कुमार की खास बात यह भी है कि वो स्कूल से जाने के बाद गरीब बच्चों को फ्री में ट्यूशन भी देते हैं।

बड़ी उपलब्धिः साधारण किसान का बेटा बना HCS अफसर, सेल्फ स्टडी कर हासिल किया मुकाम

उन्होंने बताया कि चयनित 166 उम्मीदवारों में से 35 उम्मीदवारों ने देश की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवाओं की यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण की है या हिस्सा लिया है। इसके अलावा, 15 उम्मीदवार ऐसे हैं जिन्होंने अपनी शिक्षा आईआईटी और आईआईएम जैसे संस्थानों से प्राप्त की है।

प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा के झज्जर जिले के महराना गांव के मोहित कुमार ने इस परीक्षा में अव्वल स्थान प्राप्त किया है। गौरतलब है कि मोहित कुमार के पिता पेशे से एक दुकानदार है। उन्होंने देश की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवाओं की यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर साक्षात्कार में भी हिस्सा ले चुके हैं।

दूसरा स्थान प्राप्त करने वाले जितेंद्र जोशी चंडीगढ़ के रहने वाले हैं, वे वर्तमान में आयकर अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। इन्होंने यूपीएससी की मुख्य परीक्षा भी दी है।

एचसीएस परीक्षा में तीसरा स्थान उत्तर प्रदेश के बरेली की रहने वाली अंकिता अधिकारी ने प्राप्त किया है, जिनके पिता भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल में इन्सपेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।

प्रवक्ता ने बताया कि यह परीक्षा उत्तीर्ण कर चरखीदादरी के नसीब कुमार एचसीएस बने हैं, जोकि वर्तमान में कॉलेज लेक्चरर हैं। इनके पिता एक किसान हैं। करनाल जिले के इंद्री के रहने वाले हरित कृष्ण चौधरी इस परीक्षा को उत्तीर्ण कर आबकारी एवं कराधान अधिकारी के पद पर चयनित हुए हैं। यह वर्तमान में दूसरंचार विभाग, केंद्र सरकार में कार्यरत हैं। इनके पिता भी किसान है।

हरियाणा सिंचाई विभाग में जिलेदार के पद पर कार्यरत गुल्जार अहमद ने अपने ज्ञान और योग्यता के बल पर एचसीएस की मुख्य परीक्षा को पास कर एचसीएस के पद पर चयनित होकर अपनी जिंदगी को एक अलग दिशा दी है। गुल्जार अहमद कुरुक्षेत्र जिले के रहने वाले हैं तथा इनके पिता निजी स्कूल में अध्यापक हैं।

विपरीत पारिवारिक परिस्थितियों के चलते गुरुग्राम के रहने वाले दीपक धनखड़ ने कड़ा संघर्ष किया और उन्होंने एचसीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर अपने लक्ष्य को हासिल किया और इनका चयन ट्रैफिक मैनेजर के पद पर हुआ है। कम उम्र में माता-पिता का निधन होने के कारण इनका जीवन कठिन परिस्थितियों में गुजरा है। दीपक धनखड़ यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर साक्षात्कार स्तर तक भी पहुंचे हैं।

भिवानी के रहने वाले अमित कुमार का डीएफएसओ के पद पर चयन हुआ है। यह वर्तमान में हरियाणा पुलिस में सब इंसपेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। गौरतलब है कि इनके पिता एक किसान हैं और अपनी मेहनत के बलबूते पर यह मुकाम हासिल किया है।

इसी प्रकार, अटेली, महेंद्रगढ़ के विनीत कुमार जिनका चयन एईटीओ के पद पर हुआ है। वर्तमान में यह केंद्रीय गृह मंत्रालय में कार्यरत हैं। इनके पिता एक रिक्शा चालक हैं। चरखीदादरी के निवासी प्रदीप कुमार, जिनके पिता जनअभियांत्रिकी विभाग में पंप ऑपरेटर हैं, ने भी इस परीक्षा को उत्तीर्ण किया है तथा इनका चयन डीएफएसओ के पद पर हुआ है।

आईआईटी बॉम्बे से पासआउट दर्शन यादव ने चौथा स्थान प्राप्त किया है, जो प्रेम नगर, हिसार के रहने वाले हैं। इन्होंने दो बार यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण की है। जीरकपुर, मोहाली के रहने वाले निखिल सिंगला तहसीलदार और गुरुग्राम के आदित्य कौशिक डीएफएसओ के पद पर चयनित हुए हैं। इन दोनों ने भी अपनी शिक्षा आईआईटी से प्राप्त की है।

आंचल भास्कर जो करनाल की रहने वाली हैं ने परीक्षा को पास कर पांचवा स्थान प्राप्त किया है। यह कृषि विभाग, केंद्र सरकार में कार्यरत है। इन्होंने तीन बार यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण की है और साक्षात्कार स्तर तक पहुंची हैं। सोनीपत के रहने वाले राजेश कुमार सोनी भी एचसीएस के पद पर चयनित हुए हैं, जो वर्तमान में इंसपेक्टर, केंद्र सरकार के पद पर कार्यरत हैं तथा इनके पिता निजी स्कूल में अध्यापक हैं।

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