तेज बारिश व ओलावृष्टि ने किसान की मेहनत पर फेरा पानी, फसल को हुए नुकसान को लेकर परेशान हैं प्रदेश के किसान

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Yuva Haryana

Chandigarh, 18 April, 2019

प्रदेश में हुई तेज बारिश व ओलावृष्टि के कारण किसानों को काफी नुकसान हुआ है। जिससे उनके चहरे पर मायूसी छाई हुई है।

वहीं, करनाल में किसानों का कहना है कि बरसात आने से जहां एक ओर उनकी फसल भीग रही है, तो दूसरी ओर फसलों के लिए खास तेल और फसल की दवाई भी महंगी होती जा रही है। जिसके कारण किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। किसानों ने कहा कि गेहूं का रेट चाहे सरकार ज्यादा कर ले, लेकिन फसलों में काम आने वाली दवाइयों के रेट कम करें, जिससे किसानों को कुछ फायदा हो सके।

किसानों का कहना है कि मंडियों के अंदर बार दाने  की बहुत ज्यादा कमी के चलते फसल का उठान जल्दी नहीं हो पाता और ऊपर से बरसात आने के कारण अनाज भी भीग जाता है, सरकार को इसके ऊपर ध्यान देना चाहिए ।

वहीं, मंत्री करण देव कंबोज ने कहा कि इस बार बंपर फसल होने के आसार हैं, लेकिन कुदरत के आगे किसी की नहीं चलती। बताए गए मौसम विभाग द्वारा दो दिन की बरसात को लेकर कहीं ना कहीं किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन मंडियों में फसल के रखरखाव के लिए पूरे इंतजाम  किए गए हैं । वहीं एजेंसियों को लेकर एग्रो को छोड़कर बाकी सभी एजेंसियों को फसल की खरीद के लिए कहा गया है । जिन किसानों की फसल खराब हुई है, उनकी विशेष गिरदावरी कराकर फसल बीमा योजना के तहत उनके नुकसान की भरपाई की जाएगी। अन्नदाता द्वारा बंपर फसल की पैदावार की जा रही है जिसके कारण हमारे भंडार पहले से भी भरे पड़े हैं और आने वाले अनाज के रखरखाव के लिए उचित इंतजाम भी किए जा रहे हैं ।

तो, झज्जर में हुई बरसात से किसानों का पीला व काला सोना पानी में बह गया। झज्जर की अनाज मंडी में रखी गेहूं व सरसों की फसल पानी में बहती नजर आई। करीब सवा लाख किवंटल गेंहू व तीस हजार किवंटल पानी में पानी होती नजर आई।  किसानों का आरोप है कि अभी तक प्रशासन ने सरसों का उठान तक नही करवाया है।  किसानो की माने तो गेंहू का उठान भी ना के बराबर है। हालात ये है कि मंडी में पानी निकासी की बिल्कुल व्यवस्था नही है। ये पहला ऐसा वाक्या नहीं है। हर साल मंडी में किसान की फसल की यही दशा हेाती है।

गुहला चीका में अपनी फसल को मंडी में बेचने आए किसानों ने बताया कि सरकार और प्रशासन द्वारा मंडी में किसानों के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं, किसानों को उनकी फसल के लिए न तो कोई शेड की व्यवस्था की गई है और ना ही कोई त्रिपाल की व्यवस्था की गई है, जिसे वह बरसात से अपनी फसल को बचा सकें। किसानों ने कहा कि उनका पीला सोना बरसात में खुले आसमान के नीचे पड़ा है।

किसानों ने कहा कि वह पिछले कई दिन से मंडी में अपनी फसल लेकर बैठे हैं और ना ही फसल की खरीद हो रही है, जिस कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने कहा कि मंडी में पानी निकासी का कोई उचित प्रबंध नहीं है, जिस कारण पानी खड़ा हुआ है। किसानों ने कहा कि उनकी सुध लेने अभी तक प्रशासन का कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा है।

 

 

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