एक बेटा खो चुका पिता दूसरे बेटे के लिए अस्पताल के आगे झुका, किया मेदांता से समझौता

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Gurugram, 1 April 2018

मेदांता अस्पताल में डेंगू पीड़ित बच्चे के इलाज के लिए करीब 16 लाख का बिल वसूलने के मामले में 6 महीने की जद्दोजहद के बाद अस्पताल की ओर से पीड़ित पिता को 15 लाख 68 हजार रुपये दिए गए है।

राजस्थान के धौलपुर निवासी गोपेंद्र परमार ने कहा कि उन्होंने कोर्ट से बाहर ही मेदांता से समझौता कर लिया है और उन्होंने ये समझौता किसी मंत्री या अथॉरिटी के दबाव में आकर नहीं बल्कि अपने दूसरे बेटे की ज़िंदगी के लिए किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि राजस्थान से बीजेपी सांसद मनोज राजौरिया के हस्तक्षेप के बाद ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के सचिव ने मेदांता को लेटर लिखा जिसके बाद अस्पताल ने उन्हें 15 लाख 68 हजार रुपये का चेक दिया।

गोपेंद्र परमार ने बताया कि लंबी कानूनी प्रक्रिया और आर्थिक तंगी के चलते उन्होंने आउट ऑफ कोर्ट सेटलमेंट कर लिया है।

जानकारी के मुताबिक, गोपेंद्र परमार ने 30 अक्टूबर को अपने 7 वर्षीय बेटे शौर्य को डेंगू के इलाज के लिए मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया था। इलाज के बाद अस्पताल ने गोपेंद्र से 15 लाख 88 हजार रुपये वसूले थे। बिल चुकाने के लिए उन्हें जमा पूंजी के अलावा घर बेचना पड़ा। इसके बाद आर्थिक तंगी के चलते पीड़ित ने बेटे को दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया, जहां 22 नवंबर को उसकी मौत हो गई थी।

 

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