Home Breaking फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 27 वर्ष तक करती रही पंजाबी शिक्षिका की नौकरी, अब हुआ खुलासा

फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 27 वर्ष तक करती रही पंजाबी शिक्षिका की नौकरी, अब हुआ खुलासा

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Yuva Haryana

Yamunanagar, 14 Jan,2019

सरस्वतीनगर के जनता सीनियर सेकेंडरी स्कूल में एक महिला फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पंजाबी शिक्षिका की नौकरी करती रही। इतना ही नहीं वह स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर चली भी गई।

शिक्षिका राजरानी पर फर्जी डिग्री से पंजाबी शिक्षिका की नौकरी हासिल करने का आरोप है। इसका खुलासा तब हुआ जब सरकार ने एडेड कॉलेजों के स्टाफ को टेकओवर किया। इसके लिए शिक्षकों के दोबारा मूल प्रमाणपत्र मांगे गए। स्कूल प्रबंधन ने राजरानी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करवा दिया है।

बता दें जनता सीनियर सेकेंडरी स्कूल सरस्वती नगर में राजरानी की वर्ष 1990 में पंजाबी शिक्षिका के पद पर नौकरी लगी थी। इसके उपरांत  जगाधरी के एक व्यक्ति ने जनसूचना अधिकार के तहत राजरानी के दस्तावेजों की जानकारी मांगी, लेकिन उन्हें वह दस्तावेज नहीं दिए गए।

नवंबर 2013 में सरकार ने एडेड स्कूलों के स्टाफ को टेकओवर करने की प्रक्रिया शुरू की। प्रबंधक कमेटी के प्रधान ने सरकार के निर्देशों के मुताबिक वर्ष 2015 को सभी शिक्षकों को मूल दस्तावेज जमा करने के आदेश दिए।

जनता सीनियर सेकेंडरी स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि राजरानी ने पंजाबी ओटी का सर्टिफिकेट नहीं दिया। उन्हें कई बार मौका दिया गया।

10 अप्रैल 2015 को राजरानी ने असली दस्तावेजों के स्थान पर स्वयं सत्यापित फोटो कॉपी जमा कराई और इन्हें ही प्रमाणपत्र मानने के लिए कहने लगी। इसके बाद पंजाबी ओटी का मूल प्रमाणपत्र देने के लिए कहा गया, तो बेटे की शादी में व्यस्त होने का हवाला देते हुए प्रमाणपत्र न मिलने की बात कही।

3 मार्च 2017 को राजरानी ने अंडरटेकिंग दी कि उनका वीआरएस (स्वैच्छिक सेवानिवृति) का केस विभाग को भेज दिया जाए। साथ ही कहा कि जब तक वह अपने दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करतीं उनके सभी सेवानिवृत्ति लाभ रोक दिए जाएं। और यदि संस्थान को उनकी वजह से आर्थिक नुकसान हुआ है तो वह इसकी जिम्मेदार होंगी।

प्रबंधन ने उनके असली प्रमाणपत्र न मिलने पर फोटोकॉपी मुख्यालय भेज दी। उसकी मुख्यालय से जांच कराई गई तो प्रमाणपत्र फर्जी मिलें। 31 मार्च को राजरानी वीआरएस लेकर चली गई।

करीब डेढ़ साल पहले डीईओ ऑफिस में एसओ को दो हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया था। बताया जा रहा है कि राजरानी ने ही यह रेड डलवाई थी। अब राजरानी इस मामले को उससे जोड़ कर देख रही हैं। वहीं पुलिस जांच अधिकारी सूरजभान सिंह ने बताया कि स्कूल प्रबंधन से उन्हें शिकायत मिली थी। उनकी जांच के आधार पर केस दर्ज किया गया है।

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