कार चालक को रोकना चाहा तो पुलिस कर्मी को दौड़ा दौड़ाकर पीटा,साथ ही लगाए कई आरोप

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अक्सर आपने पुलिसकर्मी को जनता की मदद करते देखा होगा लेकिन कई बार परिस्तीथि ऐसी हो जाती है की पुलिस को ही जनता की मदद  चाहिए होती है, लेकिन इस मामले में जनता नाकाम रही ।मामला जींद का है जहां शाम पांच बजे सुनैना देवी अपने पति राकेश के साथ भाइयों को राखी बांधने के लिए कार में नरवाना से अपने मायके नैन गांव आ रही थी।

ट्रैफिक कंट्रोल कर रहे पुलिसकर्मी विजेंद्र सिंह हवलदार के साथ ट्रैफिक कंट्रोल कर रहे थे।राखी का त्यौहार था तो रोड पर ज्यादा ट्रैफिक था इसलिए पुलिसकर्मी अलग-अलग दिशाओं में ट्रैफिक को बारी बारी निकाल रहे थे।इसी दौरान नरवाना वासी राकेश ने अपनी कार ओवरटेक कर निकालनी चाही तो एक बाइक सवार से टकरा गई।

पुलिसकर्मी विजेंद्र ने कार चालक को रोकने की कोशिश की तो कार पुलिसकर्मी   के पैर पर चढ़ गई। पुलिसकर्मी कार को रुकवाने के लिए शीशों पर हाथ मारते रहे,लेकिन ड्राइवर राकेश ने करीब सौ मीटर दूर जाकर गाड़ी को रोका। वहां विजेंद्र ने राकेश को जबरदस्ती कार से खींचकर बाहर निकाला तो दोनों में हाथापाई हो गई।

कार में बैठी सुरेंद्र की पत्नी भी बीच में आ गई। फिर तीनों के बीच में हाथापाई शुरू हो हो गई।महिला ने फोन कर घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी, तो काफी संख्या में युवा लड़के व दो महिला घटना स्थल पहुंचे। उनके तेवर देखकर केमिस्ट ने सिपाही को अपने मेडिकल स्टोर में छिपा दिया। लेकिन भीड़ मेडिकल स्टोर में घुस गई व पुलिसकर्मी की पिटाई शुरू कर दी।

मारपीट के दौरान वर्दी भी फट गई। भीड़ बढ़ती देखकर स्टोर संचालक ने पुलिसकर्मी को चुपके से बाहर निकालकर साथ लगती गली में निकाल दिया। भीड़ को पता लगते ही लोग पीछे दौड़ पड़े और गली में जाकर सिपाही को पकड़ कर लात घूंसे से खूब पिटाई की। जिसके बाद
परिजनों ने पानीपत-जींद हाईवे पर मतलौडा बस अड्डे पर शाम पांच बजे जाम लगा दिया।

मौके पर पहुंचे एसएचओ धर्मबीर खर्ब ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं थे। जाम लगाने वाले युवा लड़के इतने उत्तेजित हो गए कि जो भी लोग जाम खुलवाने की कोशिश करते उनकी पिटाई करने लगते ।

परिजनों की मांग पर मतलौडा थाना प्रभारी ने पुलिसकर्मी को सस्पेंड करने और उसके खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन देने के बाद शाम 7 बजे जबरदस्ती जाम खुलवाया। साथ ही सुरेंद्र और उसकी पत्नी का ये भी आरोप है की पुलिसकर्मी ने शराब पी हुई थी और छेड़छाड़ भी की है। जिसपर पुलिसकर्मी ने कहा की मेरे उपर सभी आरोप निराधार है। एक पुलिस कर्मी जनता की मदद के लिए कितनी मदद करता है ,आज जनता का ऐसा व्यवहार देखकर नौकरी से दिल भर गया। साथ ही मैंने शराब नहीं पी हुई थी अगर कोई चाहता है तो मेरा मेडिकल करवा सकता है।

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