एक ऐसे बहुमुखी प्रतिभा के धनी, जिनके लिए हर किसी की आंखों में आंसू है- कैप्टन अभिमन्यु

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 16 August, 2018

हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह पूरे देश के लिए ये शोक का समाचार है। उनके निधन से पूरा भारत शोकाकुल है। अटल जी जैसे सपूत को खो कर भारत माता की आंखों में भी आंसू हैं। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी ने भारत की एक पुरानी पार्टी के सामने एक मजबूत विपक्ष खड़ा किया और फिर देश में सरकार भी बनाई। अटल जी ने विचारधारा आधारित राजनीति की औऱ पूरे देश में कार्यकर्ताओं का संगठन खड़ा किया। अटल जी ऐसे बिरले राजनेता थे जिन्होंने समाज के हर वर्ग से स्नेह प्राप्त किया।

वित्त मंत्री ने कहा कि वे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री रहे जिन्होंने पोखरण का विस्फोट किया और कारगिल युद्ध में उनके नेतृत्व में देश को जीत मिली। उन्होंने देश के गांव गांव को सड़क से जोड़ा और अनेकों अनेक विकास के काम किए।

 

वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी से बातचीत करते हुए

कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है 2004 के लोकसभा चुनाव में अटल जी ने उन्हें चुनाव लडने का आदेश और आशीर्वाद दिया और झज्जर में एक रैली को सम्बोधन करने पहुंचे। वित्त मंत्री ने कहा कि उनके निवेदन पर रोहतक में भी एक रैली अटल जी ने संबोधित की और उनके परिवार को आशीर्वाद देने उनके घर पहुंचे।

रोहतक आवास पर स्व. चौधरी मित्रसेन आर्य और स्व. अटल बिहारी वाजपेयी बातचीत करते हुए

कैप्टन अभिमन्यु के पक्ष मेें तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की अपील। सन 2004 के लोकसभा चुनाव में झज्जर में एक जनसभा के दौरान यह अपील की थी। कुरूक्षेत्र के मैदान में अभिमन्यु चक्रव्यूह में चला गया लेकिन अभिमन्यु को चक्रव्यूह में भेजना एक बात है और चक्रव्यूह से निकालकर लाना भी दूसरी बात है अब आपने इस अभिमन्यु को चक्रव्यूह में भेज दिया. अब उसको निकालकर भी लाना है..उनको जिताना है……..वो चर्कव्यूह से निकलकर आए विजयी हो
तब महाभारत पूरा लिखा जाएगा, तब इतिहास पूरा बनेगा।

इसके बाद सन 2005 में श्री अटल बिहारी वाजपेयी रोहतक स्थित कैप्टन अभिमन्यु के निवास स्थान सिंधू भवन में भी आए थे। उस दौरान उन्होंने चौधरी मित्रसेन आर्य से काफी देर तक बातचीत की थी और भोजन भी किया था। श्री वाजपेयी उस वख्त चौधरी मित्रसेन आर्य की सादगी के बड़े कायल हुए थे। सिंधू भवन स्थित वेद मंदिर तथा दिवारों पर बनाए गए महापुरूषों के चित्रों को देख वे काफी प्रभावित हुए थे।

उन्होंने कहा कि अटल जी भारतीय जनमानस में गहरी पैठ रखने वाले राजनेता के साथ-साथ कवि हृदय, पत्रकार और कुशल वक्ता भी थे। उनकी भाषण शैली और वाकपटुता के सभी कायल रहे हैं। उनकी भाषण शैली का सम्मोहन ऐसा था की उनके विरोधी भी प्रशंसक बन जाते थे। राष्ट्र प्रेम उनकी रगों में संघ की छत्रछाया में पल्ल्वित हुआ। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में हिंदी में भाषण देकर भारत की राष्ट्रीय भाषा और राष्ट्र के सम्मान को ऊंचाइयों तक पहुंचाया। अपने निर्णयों के प्रति अडिग रहने के लिए उनकी मिसाल दी जाती रही हैं।

उन्होंने कहा कि विपक्षियों के चेहरे पर मुस्कान लाने के साथ-साथ उनका व्यक्तित्व इतना विशाल रहा कि विरोधी भी तारिफ किए बगैर नहीं रह सकते। उन्होंने ‘हार नहीं मानूंगा’ के जीवनमंत्र के साथ जीवन को जीया और दूसरों के लिए आदर्श भी स्थापित किया। जिंदगी के तमाम संघर्षों में उनकी जिजीविषा निखर कर सामने आई।

कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि अटल जी जिस भी पद पर रहे उन्होंने उस पद का मान बढ़ा दिया। उनके व्यक्तित्व की गरिमा ही इतनी अद्भुत रही कि समस्त भारतीय जनमानस के दिलोदिमाग में अटल जी अपनी अमिट छाप छोड़कर गए हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि उनकी आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें।

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