Home Breaking भिवानी और दादरी के इन गांवों में नहीं हो पाई थी बुआई, करोड़ो रुपये का दिया मुआवजा- वित्तमंत्री

भिवानी और दादरी के इन गांवों में नहीं हो पाई थी बुआई, करोड़ो रुपये का दिया मुआवजा- वित्तमंत्री

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 27 Feb, 2019
हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री कैप्टन अभिमन्यू ने कहा कि भिवानी जिले के बापोड़ा गांवों में 2124 एकड़ तथा चरखी-दादरी के रावलधी, मिसरी, जयश्री, सौंपकासनी, झिंझर, कामौद, इमलोटा सहित 13 गांवों में जलभराव के कारण 3848 एकड़ भूमि की खरीफ फसल बुआई न होने के कारण क्रमश: 47 करोड़ 5 लाख 30 हजार 480 रुपये तथा 4 करोड़ 1 लाख 5 हजार रुपये की राशि मुआवजे के रूप में दी गई है।
कैप्टन अभिमन्यू आज हरियाणा विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के अन्तिम दिन प्रश्नकाल के दौरान  इनेलो के परमेन्दर सिंह ढुल द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में सदन में बोल रहे थे। उन्होंने सदन को इस बात से अवगत करवाया कि पूर्व की सरकारों में बाढ़ नियंत्रण बोर्ड की बैठक खानापूर्ति के लिए मात्र मानसून से पूर्व की जाती थी परन्तु मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए किए बाढ़ नियंत्रण बोर्ड की बैठक कम से कम  5 से 6 माह पहले बुलाई जाए ताकि बाढ़ से सम्बन्धित कार्यों कर योजनाएं समय से पूर्व तैयार कर ली जाए।
कैप्टन अभिमन्यू ने सदन को इस बात से भी अवगत करवाया कि खरीफ मौसम-2018 के दौरान राज्य में 14 जिलों नामत: कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, करनाल, कैथल, पानीपत, रोहतक, सोनीपत, झज्जर, भिवानी, चरखी-दादरी, रेवाड़ी, फरीदाबाद, हिसार तथा जीन्द में कुल 1,50,829 एकड़ पर फसलों का खराबा हुआ था और प्रभावित किसानों को मुआवजे के लिए 1,31,39,77,412 रुपये राशि स्वीकृत की गई है, जिसका वितरण सम्बन्धित जिलों उपायुक्तों के माध्यम से किया जा रहा है।
एक प्रश्न के उत्तर में कैप्टन अभिमन्यू ने सदन को जानकारी दी कि दादरी जिले के 13 गांवों में जलभराव की समस्या बहुत पुरानी है। उन्होंने सदन को यह भी जानकारी दी कि इन गांवों निकलने वाली डे्रन का विस्तार किया जा रहा है, इसके अलावा भू-जल रिचार्ज की भी योजनाएं तैयार की जा रही हैं।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री धनखड़ ने चर्चा में भाग लेते हुए सदन को अवगत करवाया कि चरखी-दादरी व झज्जर जिले के गावों में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान के लिए मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की योजनाएं तैयार की जा रही है इसके लिए हरियाणा मत्स्य पालन प्राधिरण का गठन किया गया है और दोनों जिलों में 10 हजार एकड़ में मत्स्य पालन की योजनाएं  तैयार की गई है, कुल 16 हजार एकड़ क्षेत्र में मत्स्य पालन की योजनाएं प्रस्तावित है।
कैप्टन अभिमन्यू ने इस बात की भी जानकारी दी कि जल भराव के समय पानी की निकासी के लिए जिन किसानों ने पम्प सेटों पर अपने ट्रेक्टर लगाए थे उनकी अदायगी जिला उपायुक्तों के माध्यम से की जा चुकी है केवल जीन्द के कुछ गांवों का मामला लम्बित है जिसको एक दो दिन में फाइल  पर लेकर उपायुक्त को सूचित कर दिया जाएगा।
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