डबवाली अग्निकांड में मारे गए लोगों के परिवारों मिला इंसाफ, डीएवी ने दिया ब्याज समेत 3.41 करोड़ का मुआवजा

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Yuva Haryana

Sirsa (29 March 2018)

डीएवी स्‍कूल के वार्षिक उत्‍सव में हुए अग्निकांड में मारे गए लोगों के परिवारों और घायलों को अब मुआवजा मिलेगा।  डीएवी मैनेजमेंट ने बुधवार को 10 फीसद ब्याज समेत कुल 3,41,09,953 रुपये की मुआवजा राशि का बैंक ड्राफ्ट अदालत में जमा करवा दिया है। मुआवजा राशि 23 दिसंबर 1995 को डीएवी स्कूल के वार्षिक कार्यक्रम में हुए अग्निकांड में मारे गए 406 लोगों के परिवारों और 88 घायलों को दी जाएगी।

उपमंडल जज रितु की अदालत ने फैसला सुनाते हुए डीएवी को 30 मार्च 2018 तक मुआवजा जमा करवाने के आदेश दिए थे। स्‍थानीय अदालत के फैसले के खिलाफ डीएवी संस्‍था ने पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में अपील की थी जिसके बाद 28 फरवरी को उच्च न्यायालय की एकल बैंच ने डीएवी की अपील खारिज करते हुए डबवाली अदालत का निर्णय बरकरार रखते हुए मुआवजा जमा कराने को कहा। साथ ही ऐसा न करवाने पर डीएवी की प्रॉपर्टी अटैच करने के आदेश दिए थे।

एकल बैंच के निर्णय के खिलाफ डीएवी ने उच्च न्यायालय की खंडपीठ में अपील दाखिल कर दी, जिसे 23 मार्च 2018 को खंडपीठ ने खारिज कर दिया था। आखिरकार डीएवी ने पांच दिन बाद मुआवजा राशि का बैंक ड्राफ्ट जमा करवा दिया है।

बता दें कि डबवाली अग्निकांड पीडि़त 1996 में मुआवजे सहित अन्य मांगों को लेकर अदालत के चक्कर काट रहे थे। जनवरी 2003 में उच्च न्यायालय ने मुआवजा की गणना के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस टीपी गर्ग की अध्यक्षता में एक सदस्यीय आयोग गठित किया था। आयोग ने रिपोर्ट मार्च 2009 में उच्च न्यायालय में पेश कर दी, जिसके आधार पर हाई कोर्ट ने 9 नवंबर 2009 को पीडि़तों को मुआवजा देने के आदेश दिए।


अदालत के निर्णय के बाद हरियाणा सरकार ने 45% हिस्से के तौर पर करीब 21 करोड़ रुपये जमा करवा दिए। मुआवजे का बचा 55% हिस्सा डीएवी को देना था। डीएवी फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चला गया। 15 मार्च 2010 को डीएवी ने बतौर मुआवजा 10 करोड़ रुपये जमा करवाए, तब उसकी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में हुई थी।

साल 2013 में भी सुप्रीम कोर्ट ने अपील खारिज कर दी, जिसके बाद डीएवी ने अपने हिसाब से मुआवजा राशि तय करते हुए 17 करोड़ 120 रुपये कोर्ट में जमा करवा दिए थे। पीडि़तों ने ब्याज समेत बकाया मुआवजा मांगा तो साल 2016 में डीएवी फिर सुप्रीम कोर्ट में चला गया था। ब्याज राशि के मामले में स्पष्टीकरण देने के बाद भी डीएवी ने मुआवजा जमा नहीं करवाया। डबवाली अग्निकांड पीडि़त संघ ने साल 2017 में स्थानीय अदालत में दावा दायर कर डीएवी के बैंक खाते और प्रॉपर्टी कुर्क करने की मांग की थी।

बता दें कि हाई कोर्ट ने अग्निकांड में 406 मृतक के परिजनों व 88 घायलों को मुआवजा देने के आदेश दिए थे। डीएवी ने 2,29,86,292 रुपये मुआवजा राशि जमा नहीं करवाई थी। 12 मार्च 2013 से 27 मार्च 2018 तक 10% ब्याज 1,15,88,922 रुपये मुआवजा राशि में जुड़ गया, जिसमें से डीएवी ने 27 दिसंबर 2017 को 4,53,913 रुपये जमा करवा दिए थे। अब 10% ब्याज समेत मुआवजा राशि 3,41,09,953 रुपये डीएवी की ओर शेष बच गए थे।

बता दें कि 23 दिसंबर, 1995 को डीएवी स्कूल के राजीव पैलेस में आयोजित वार्षिक समारोह में शॉर्ट सर्किट से पंडाल में आग लग गई थी। देखते ही देखते पंडाल आग की लपटों में घिर गया और इस अग्निकांड में 442 लोगों की मौत हो गई थी। इनमें 258 बच्चे शामिल थे।

 

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