मनोहर- दुष्यंत के साझा वादों का खर्च 15 हजार करोड़, पांच सदस्यीय कमेटी की गई गठित

चर्चा में बड़ी ख़बरें राजनीति हरियाणा हरियाणा विशेष

Yuva Haryana

08 Nov, 2019

हरियाणा मे भाजपा और जजपा गठबंधन की सरकार का संयुक्त न्यूनतम साझा कार्यक्रम सिरे चढ़ने में बजट की दिक्कत नहीं आएगी। भाजपा ने चुनाव से पहले प्रदेश की जनता के साथ 268 और जजपा ने 160 वादे किए हैं

इन 428 वादों में छह दर्जन यानी 72 वादे ऐसे हैं, जो दोनों राजनीतिक दलों के चुनाव घोषणा पत्र में कहीं न कहीं मेल खाते हैं। 12 घोषणाएं तो पूरी तरह कॉमन हैं। इन वादों को पूरा करने पर मात्र 15 से 20 हजार करोड़ रुपये का बजट खर्च होना प्रस्तावित है।
भाजपा व जजपा गठबंधन की सरकार ने संयुक्त न्यूनतम साझा कार्यक्रम को सिरे चढ़ाने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का भी गठन कर दिया है। यह कमेटी एक पखवाड़े में अपनी कार्य योजना सार्वजनिक करेगी। छठी बार विधायक चुनकर आए अनिल विज इस कमेटी के चेयरमैन हैं, जबकि भाजपा के वरिष्ठ नेता ओमप्रकाश धनखड़ व कंवरपाल गुर्जर को इस कमेटी में शामिल किया गया है।
संयुक्त न्यूनतम साझा कार्यक्रम क्रियान्वयन कमेटी में जजपा की ओर से उकलाना से विधायक अनूप धानक और पूर्व विधायक राजदीप फौगाट शामिल किए गए हैं। भाजपा ने पिछली बार 154 चुनावी वादे किए थे, जबकि इस बार 268 वादे किए हैं, जिन पर 32 हजार करोड़ रुपये का खर्च आना प्रस्तावित है। इसी तरह जजपा ने 160 वादे किए हैं, जिन पर संभावित खर्च 36 हजार करोड़ रुपये है। दोनों के 428 वादों का खर्च 78 हजार करोड़ रुपये आ रहा है, जो हरियाणा सरकार के करीब डेढ़ लाख करोड़ के सालाना बजट से कम है।

जजपा संयोजक एवं डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने विधानसभा में जिस तरह गठबंधन के न्यूनतम साझा कार्यक्रम की पैरवी की है, उसके मद्देनजर साफ है कि दोनों दलों के बीच हाल फिलहाल तो कहीं टकराव के हालात नहीं हैं।
पिछली सरकार में एक समय यह भी था, जब दुष्यंत चौटाला और अनिल विज में अक्सर टकराव बना रहता था। स्वास्थ्य विभाग में दवाइयों के घोटाले को लेकर विज और दुष्यंत एक दूसरे को कोर्ट तक में घसीटने को तैयार हो गए थे, लेकिन बदली परिस्थितियों में जहां दुष्यंत को अब विज के साथ चलने से परहेज नहीं है, वहीं विज भी मानते हैं कि राजनीतिक टकराव कभी स्थायी नहीं होते।

अभय और हुड्डा पर हमलावर हुए दुष्यंत…..

विधानसभा में डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला चाचा अभय चौटाला और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर हमलावर हुए। शांत स्वभाव के दुष्यंत ने हुड्डा व चौटाला को नसीहत दी कि उन्हें सिर्फ सरकार का विरोध करने के लिए विरोध नहीं करना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *