हरियाणा के तीन IAS समेत 5 अफसर दोषी करार, साढ़े चार साल पुराना है मामला

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  • हरियाणा के तीन आईएएस समेत पांच अफसर दोषी करार

  • पानीपत में लोकायुक्त ने सभी को दोषी करार दिया

  • हैदराबादी श्मशान समिति ने बनाए थे 22 शोरुम

  • गरीबों की जमीन पर कब्जा कर बनाए थे शोरुम

Yuva Haryana
Panipat, 10 Dec, 2019

हरियाणा के तीन आईएएस अधिकारियों समेत 5 अफसरों को लोकायुक्त ने दोषी करार दिया है। मामला पानीपत का है और करीब साढ़े चार साल पुराना है।

Rti कार्यकर्ता पीपी कपूर ने 4 जुलाई 2016 को लोकायुक्त को शिकायत दी थी जिसमे उन्होंने आरोप लगाया था कि पानीपत के सेक्टर 11 में गरीबों के लिए आरक्षित 15 आवासीय प्लाटों पर हैदराबादी श्मशान भूमि समिति ने कब्जा कर 22 शोरूम बना दिये हैं। उन्होंने समिति को पूर्व विधायक रोहिता रेवड़ी से मिलीभगत होने के भी आरोप लगाए थे।

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अब इस मामले में करीब साढ़े चार साल बाद लोकायुक्त जस्टिस एन के अग्रवाल ने पांच अफसरों को दोषी माना है।

लोकायुक्त ने सरकार से तत्कालीन डीसी समीर पाल सरो, HSVP के तत्कालीन मुख्य प्रशासक, रोहतक प्रशासक, पानीपत के एस्टेट ऑफिसर विकास ढांढा व दीपक घणघस के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की सिफारिश की है। सरकार को इनपर कार्रवाई की रिपोर्ट तीन महीने के अंदर वापस लोकायुक्त को देनी है।

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ये है मामला :-
आरटीआई एक्टिविस्ट कामरेड पीपी कपूर ने लोकायुक्त को 4 जुलाई 2016 को शिकायत दी थी। शिकायत मे आरोप लगाया था कि सैक्टर-11 में गरीबो के लिए आरक्षित 15 आवासीय प्लाटो पर हैदराबादी शमशान भूमि समिति के दंबगो ने जबरन कब्जा करके 22 शोरूम बना दिए है। आरोप था कि इन दंबग कब्जाधारियो को स्थानीय विधायक रोहिता रेवड़ी का पूरा संरक्षण प्राप्त था। इसी कारण एचएसवीपी के एस्टेट आफिसर ने यह अवैध कब्जे होने दिए। शिकायत होने पर एचएसवीपी के एस्टेट आफिसर ने 3 फरवरी 2016 व 22 जुलाई 2016 को तत्कालीन डी०सी० समीर पाल सरो से इन अवैध कब्जो को गिराने के लिए पुलिस फोर्स देने के लिए पत्र लिखे थे। परंतु तत्कालीन डीसी समीरपाल सरो ने राजनैतिक दबाव के चलते पुलिस फोर्स की अनुमति नहीं दी।

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