पचास हजार कर्मचारियों की नौकरी पर लटकी तलवार, हुड्डा ने सरकार से की यह मांग

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 18 Nov, 2018

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार से विधानसभा के मानसून सत्र में दिए वचन को पूरा कर अध्यादेश लाकर माननीय हाईकोर्ट के निर्णय से प्रभावित कर्मचारियों की नौकरी बचाने की मांग की है। वस्तुगत स्थिति यह है कि हाईकोर्ट के निर्णय व सरकार के अनिर्णय के रवेयै के कारण पचास हजार अनियमित कर्मचारियों की नौकरियों पर तलवार लटक गई है।

उन्होंने कहा कि विधानसभा के मानसून सत्र से पूर्व 30 मई, 2018 को आए हाईकोर्ट के निर्णय से प्रभावित कर्मचारियों की नौकरी बचाने की मांग को लेकर सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा का शिष्टमंडल उनसे मिला था। जिसके उपरांत उन्होने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखकर विधानसभा के मानसून सत्र में बिल लाने की मांग की थी। सरकार बिल लाने को तैयार हो गई थी, जिसका ड्राफ्ट भी सरकार द्वारा सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा को सुझावों के लिए भेजा गया था।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बताया कि कांग्रेस ने इस मुद्दे को विधानसभा के मानसून सत्र में प्रभावी ढंग से उठाते हुए बिल लाने की मांग की थी। सरकार ने सदन को आश्वासन दिया था कि सरकार बिल लाने से पहले हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल कर हाईकोर्ट के निर्णय पर रोक लगाने की मांग करेंगी। अगर सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी खारिज हो गई या स्टे नहीं मिला तो सरकार अध्यादेश लाकर हाईकोर्ट के निर्णय से प्रभावित कर्मचारियों की नौकरी बचाने का काम करेगी।

उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के निर्णय को लागू करने की समय अवधि 30 नवम्बर को पूरी हो रही है। अभी तक सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। इसलिए सरकार को बिना किसी देरी के अध्यादेश लाने की मांग की, ताकि हाईकोर्ट के निर्णय से प्रभावित कर्मचारियों की नौकरी बचाने और विभिन्न विभागों में कार्यरत सभी प्रकार के कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जा सके।

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