Home Breaking 15 से 17 फरवरी तक गन्नौर में चौथी ‘एग्री लीडरशिप समिट’ का होगा आयोजन – धनखड़

15 से 17 फरवरी तक गन्नौर में चौथी ‘एग्री लीडरशिप समिट’ का होगा आयोजन – धनखड़

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Yuva Haryana

Chandigarh, 9 Feb, 2019

हरियाणा के कृषि और किसान कल्याण मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि सोनीपत की गन्नौर स्थित इंडिया इंटरनेशनल हार्टिकल्चर मार्केट में 15 से 17 फरवरी तक प्रदेश की चौथी एग्री लीडरशिप समिट का आयोजन किया जाएगा। समिट का उद्घाटन 15 फरवरी को केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह व इस्पात मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह करेंगे।

वहीं दूसरे दिन केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री पुरुषोत्तम रूपाला मुख्य अतिथि होंगे। कार्यक्रम के समापन अवसर पर 17 फरवरी को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मुख्य अतिथि होंगे व मुख्यमंत्री मनोहर लाल कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। धनखड़ ने आज यह जानकारी इंडिया इंटरनेशनल हार्टिकल्चर मार्केट गन्नौर, सोनीपत में कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के पश्चात दी ।

धनखड़ ने कहा कि प्रदेश के किसानों व कृषि के विकास के लिए प्रदेश सरकार ने 2015 में गुरुग्राम में पहली एग्रीकल्चर लीडरशिप समिट शुरू की थी। इसके बाद हमने प्रत्येक दो वर्ष में यह समिट आयोजित करने का निर्णय लिया था और वर्ष 2018 में सूरजकुंड फरीदाबाद में दूसरी एग्रीकल्चर समिट का आयोजन किया गया।

किसानों के हित में हमने इसे प्रतिवर्ष करने का निर्णय लिया और 2018 में रोहतक में तीसरी समिट आयोजित की गई। उन्होंने बताया कि रोहतक में प्रदेश के 16 लाख किसान परिवारों के एक लाख 60 हजार किसानों ने हिस्सा लिया। यानिके प्रत्येक दसवां किसान इस समिट से जुड़ा। पत्रकारों को संबोधित करते  हुए कृषि मंत्री ने कहा कि इसी समिट की सफलता के बाद हमने अब चौथी समिट सोनीपत के गन्नौर में करने का निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि यह समिट काफी तेजी से लोकप्रिय हुई और हमने कृषि से जुड़े सभी विभागों, जिनमें कृषि विभाग, पशुपालन विभाग, मत्यसय पालन विभाग, हार्टिकल्चर विभाग, मार्केटिंग बोर्ड के अलावा जिसका भी किसानों के साथ सीधा जुड़ाव है, उन सभी संस्थाओं व संगठनों को भी समग्र रूप से इसके साथ जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा मंच है, जहां विभाग खुद को खुले में रखकर सभी सामने अपनी विकास योजनाओं को प्रस्तुत करता है।

उधमशीलता को खेती की स्मृद्धि का आधार बताते हुए उन्होंने खेती में नवाचार को लाने की बात कही। उन्होंने कहा कि जब तक खेती से नवाचार नहीं जुड़ेगा, तब तक खेती लाभ का सौदा नहीं बनेगी। 15 से 17 फरवरी तक आयोजित होने वाली एग्री समिट के दौरान तीनों दिन इसी को आधार बनाकर अलग-अलग थीम रखे गए हैं।

पहले दिन के कार्यक्रम का थीम नवाचार एवं उधमशीलता रखा गया है, जिसमें विभिन्न खाद्यान उत्पादक किसानों को आमंत्रित किया गया है। दूसरे दिन का थीम खेती प्लस- धन प्लस को रखा गया है और इसमें इलाईट क्लास के किसानों को बुलाया गया है, जिसमें पोल्ट्री, पशुपालन, मत्स्य जैसे व्यवसायों को अपनाने वाले किसानों को बुलाया गया है। वहीं तीसरे दिन का डायरेक्ट मार्केटिंग व एग्री सर्विस को विषय रखा गया है और इस दिन होट्रिकल्चर फार्मेट के तहत कृषि को फायदे का सौदा बनाने वाले किसानों को आमंत्रित किया गया है।

ओपी धनखड़ ने कहा कि एग्री लीडर वह किसान है, जिन्हें देखकर हम सीखते हैं। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में 400 से 500 ऐसे किसान हैं जो हमारे मोटिवेटर हैं और उन्हें देखकर दूसरे किसान प्रेरणा लेते हैं। उन्होंने कहा कि इस तीन दिवसीय समिट में हमारे किसानों ने, हमारे विभागों ने और हमने जो किया है, उसे भी प्रस्तुत करेंगे।

यहां किसानों को अपने उन उत्पादों की बिक्री की भी अनुमति है, जिसमें उन्हें महारथ हासिल है। धनखड़ ने कहा कि तीन दिवसीय इस समिट में कृषि व किसानों से जुड़े विभिन्न मोर्चों, यूनियनों, एमएलए, एमपी, राजनैतिक दल, नौकरशाहों से भी चर्चा की होगी। उन्होंने कहा कि इस दौरान इनपुट में हार्टिकल्चर और आउटपुट में कृषि सैलर व इनोवेशन से जुड़े लोगों को भी शामिल किया जाएगा।

कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि किसानों के प्रोत्साहन के लिए प्रदेश सरकार इस साल से हरियाणा किसान रत्न सम्मान के नाम से नया पुरस्कार देगी। यह पुरस्कार हरियाणा के किसानों व कृषि के विकास के लिए बेहतरीन कार्य करने वाले एक किसान को दिया जाएगा। इसमें पांच लाख रुपये व एक प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस पुरस्कार के लिए कृषि व किसानों के विकास हेतू ओवरआल कार्य करने वाले किसान, संस्था, विश्वविद्यालय, विभाग, वैज्ञानिक को भी यह पुरस्कार मिल सकता है। हरियाणा के लिए काम करने के लिए हरियाणा या बाहर के व्यक्ति को भी यह पुरस्कार दिया जा सकता है।

धनखड़ ने कहा कि हमने दूसरी एग्री समिट में कृषि की 38 विधाओं, जिनमें दलहन, तिलहन, कृषि, पशुपालन, मत्स्य, हार्टिकल्चर में महारत हासिल की है, उन्हें कृषि रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है। इस पुरस्कार में एक लाख रुपये व प्रशस्ति पत्र दिया जा रहा है। इनमें से तीन किसान पद्मश्री तक पहुंचे हैं और यह पूरे देश का 25 प्रतिशत तक है।

इस अवसर पर हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड की चेयरपर्सन कृष्णा गहलावत, कृषि विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव नवराज संधू, पशुपालन एवं डेयरिंग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुनील गुलाटी, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक अजीत बालाजी जोशी, मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक जे गणेशन, हार्टिकल्चर विभाग के निदेशक हरदीप कुमार, उपायुक्त विनय सिंह, एडीसी जयबीर सिंह आर्य, सूचना जनसम्पर्क एवं भाषा विभाग के अतिरिक्त निदेशक सतीश जैन, एसडीएम गन्नौर सुरेंद्र पाल, एसडीएम खरखौदा श्वेता सुहाग, कृषि विभाग के अतिरिक्त निदेशक सुरेश गहलावत, कृषि उपनिदेशक अनिल सहरावत, मार्केट कमेटी के चेयरमैन कुलदीप नांगल, गन्नौर नगर पालिका के चेयरमैन ईश्वर कश्यप, निशांत छौक्कर सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि हम पिछले चार वर्षों में एग्री समिट को सफलता की तरफ लेकर गए हैं। इस बार प्रतिदिन 60 हजार किसान इस समिट में शामिल होंगे। काफी किसानों को यहां तक लाने के लिए हम वाहनों का इंतजाम कर रहे हैं और बड़ी संख्या में किसान खुद यहां आएंगे।

उन्होंने कहा कि जो किसान यहां पर आएंगे उनके लिए हमने पुरस्कार भी रखे हैं। प्रतिदिन सभागार में जो किसान होंगे उन्हें कूपन मिलेगा और ड्रा निकाला जाएगा। इसमें एक किसान को बड़ा ट्रैक्टर, एक को छोटा ट्रैक्टर, एक पुरुष को बुलेट मोटरसाईकिल और एक महिला को स्कूटी देंगे। पदमश्री किसानों का भी यहां सम्मान किया जाएगा।

कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने गन्नौर स्थित इंडिया इंटरनेशनल हार्टिकल्चर मार्केट के विकास के बारे में बताते हुए कहा कि हमने मंडी के विकास को लेकर स्पेशल पपर्ज व्हीकल बनाया गया है। देश की सबसे बड़ी इस मंडी का कार्य आगे बढ़े इसके लिए इस बार की समिट में कई कदम उठाए जाएंगे और मंडी के भविष्य के का प्रारूप मॉडल भी यहां प्रस्तुत किया जाएगा।

कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि गन्नौर में 15 से 17 अगस्त तक एग्री लीडरशीप समिट आयोजित होगी, वहीं 14 अगस्त को यहीं पर पंचायती राज विभाग यहां ग्रामीण विकास के लिए तरूण (गर्वित) सम्मेलन का आयोजन करेगा। इस सम्मेलन में 18 से 25 वर्ष के 10 हजार युवक- युवती हिस्सा लेंगे।

उन्होंने कहा कि भारतमाता विंध्यवासिनी है और इस कार्यक्रम में वृक्षारोपण सहित इसी तरह की मुहिम से जुड़े यह युवा शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि 14 फरवरी को आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र तोमर मुख्य अतिथि होंगे और केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर भी शामिल होंगे। बिशनपुर झारखंड में ग्रामीण सेवा के लिए पूरा जीवन समर्पित करने वाले पद्मश्री अशोक भगत इस सम्मेलन को संबोधित करेंगे।

चौथी एग्री लीडरशीप समिट में शामिल होने वाले किसानों के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा डिजीटल किसान एप लांच किया गया है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक अजीत बालाजी जोशी ने बताया कि इस एप के जरिए यहां आने वाले किसानों को नि:शुल्क टिकट मिलेगा।

इसके लिए अपने मोबाईल में ऐप अपलोड कर अपने मोबाईल व फोटो अपलोड कर बारकोड लिया जा सकता है। यही बारकोड मुख्य प्रवेश द्वार पर मिलाया जाएगा और प्रवेश होगा। फूड काउंटर पर भी इसी बारकोड से नि:शुल्क इंट्री होगी। कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने इस एप में किसान की गाड़ी कहां खड़ी है यह जानकारी भी शामिल करने के निर्देश दिए।

 

 

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