नौकरी के नाम पर अपहरण किया जा रहा है विदेशो में, फिर परिजनों को धमकी देकर मांगते हैं फिरौती की रकम

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Yuva Haryana

Kaithal, 29 July, 2018

अक्सर लोग विदेश जाने की चाह रखते हैं, आज के जमाने में हर कोई अच्छा पैसा कमाना चाहता है। लोगों में विदेश जाकर रहने की इच्छा रहती है। लेकिन जाने से पहले एक बार जांच जरूर कर ले कि कहीं आपके साथ धोखा तो नहीं हो रहा है।

बता दें कि ऐसा ही एक रैकेट मलेशिया में काम कर रहा है, जिसको कुछ पाकिस्तानी लोग मलेशिया में रह रहे भारतीय एजेंटों के सहयोग से चला रहे हैं। यह लोग जो भी भारत से घूमने के लिए मलेशिया जाते हैं उनसे संपर्क करते हैं और दोस्त बना लेते हैं।

इसके बाद अपना नंबर देकर यह कहते हैं कि अगर आपके यहां किसी को ऑस्ट्रेलिया या किसी और अन्य देश जाना है, तो हम यह काम आपका करवा देंगे। आपको सिर्फ मलेशिया तक आना है। इसके बाद पाकिस्तानी एजेंटों का खौफनाक खेल शुरू हो जाता है।

यह लोग उस भोले भाले भारतीय नौजवान को जो रोजगार के लिए किसी बड़े देश में जाना चाहता है मलेशिया आने पर बंधक बना लेते हैं और उसके द्वारा भारत में रहने वाले उसके परिवार से एक अच्छी रकम फिरौती के रूप में मानते हैं। अगर रकम नहीं मिली तो धमकी दी जाती है कि उसकी किडनी निकालकर बेच दी जाएगी और उसे मार दिया जाएगा।

क्या है मामला-

कैथल जिले के गांव जाजनपुर निवासी संजू ने विदेश जाने की चाह में  पंजाब स्थित कुछ एजेंटों से सम्पर्क किया, तो इस रैकेट ने संजू को पहले बैंकॉक बुलाया और फिर सड़क के रास्ते से मलेशिया ले जाया गया। जहां कुछ  पाकिस्तानी एजेंटों ने उसे बंधक बना लिया और परिजनों से फिरौती की मांग की और न देने की सूरत में किडनी और बाकि शरीर के अंग निकाल के बेचने की धमकी दी।

परिजनों की शिकायत पर जिला पुलिस ने संज्ञान लेते हुए मुकदमा दर्ज किया और मलेशिया स्थित भारतीय एम्बेसी को आग्रह कर युवक को आरोपियों के चंगुल से छुड़वाने में मदद मांगी है। भारतीय एम्बेसी  के आग्रह पर मलेशिया पुलिस ने  कैथल पुलिस की आधुनिक तकनीक का सहारा से मलेशिया में तीनों पाकिस्तानी के चंगुल से इस नवयुवक को आजाद करवाते हुएआरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

मलेशिया में इस गिरफ्तारी से पाकिस्तानी रैकेट का भी भंडाफोड़ हुआ है, जो कुछ भारतीयों से मिलकर रोजगार की तलाश में अवैध तरीके से जाने वाले नवयुवको को जाल में फांसते है और वंहा पहुंचे युवकों के परिजनों से फिरौती की मांग करते है।

लेकिन संजू के मामले में आरोपियों की चालाकी काम नहीं आई। क्योंकि संजू की समझदारी ने इस रैकेट की परते खोल दी।  संजू ने विदेश में जाने से पूर्व परिजनों को कोडवर्ड देते हुए कहा  “अगर मै गर्मी का जिक्र करू तो समझ लेना मैं खतरे में हूं” और संजू की यही चालाकी उसकी जान बचाने में सार्थक साबित हुई।

जैसे ही संजू ने गर्मी का जिक्र किया, तो परिजनों ने जिला पुलिसअधीक्षक आस्था मोदी से सम्पर्क किया और सेवा सुरक्षा सहयोग करते वाली पुलिस ने भी तत्परता से कार्रवाई की और मलेशिया स्थित भारतीय एम्बेसी से मदद से मलेशिया पुलिस ने संजू को आरोपियों के चंगुल से छुड़वा लिया।

पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी ने बताया की भारत ने स्थित बाकि आरोपियों की गिरफ़्तारी के लिए छापेमारी जारी है। इसलिए संजू की फोटो और पहचान गोपनीय रखी जा रही है, ताकि आरोपियो को गिरफ्तार किया जा सके।

 

 

 

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