हरियाणा पुलिस के दो जवानों ने कर दिया 44 लाख से ज्यादा का घोटाला, अब गिरफ्तार

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Kamarjeet Virk,Yuva Haryana, Karnal

करनाल में एसपी कार्यालय स्थित अकाउंट ब्रांच में टीए और अन्य बिलों में 44 लाख 35 हजार 475 रुपये  गबन करने का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस के दो अधिकारी गिरफ्तार किए गए हैं जबकि मुख्य आरोपी सहित अन्य अभी फरार हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस अधिकारी पिछले करीब तीन साल से यह धोखाधड़ी कर रहे थे। बता दें कि 12 फरवरी को सीएम के नाम भेजी शिकायत  डीजीपी को मिलने पर मामले की जांच की गई तो इसका खुलासा हुआ। एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने सिविल लाइन थाने में धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में केस दर्ज कराया है।

वहीं मामले में आरोपी एएसआई साहब सिंह और एएसआई राजबीर को गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि दो अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है। फर्जीवाड़े में पूरी अकाउंट ब्रांच के संलिप्त हाेने का संदेह जताया जा रहा है। एसपी ने इंद्री के डीएसपी रणधीर सिंह की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की है, जो मामले की जांच कर रिपोर्ट एसपी को देंगे। आरोप हैं कि इन्होंने दो फर्जी नाम से यूनीक आईडी बनाई हुई थी। जिसमें मुख्य आरोपी एसआई गुरनाम सिंह ने सर्विस रिकार्ड में गृह जिला यमुनानगर दिखाया हुआ है लेकिन यह रहने वाला करनाल के नीलोखेड़ी स्थित गांव बैड़शाल का है। दूसरा आरोपी एएसआई राजबीर सिंह भी करनाल जिले के गांव ढाकवाला रोड़ान का रहने वाला है।

पुलिस में दी शिकायत के अनुसार मुख्य आरोपी अकाउंटेंट एसआई गुरनाम सिंह जून 2016 में करनाल में टीए क्लर्क पद पर तैनात हुआ था, जो 25 जुलाई 2019 तक तैनात रहा। 10 जुलाई 2019 को वह एसआई पद पर प्रमोट होकर अकाउंटेंट बन गया। टीए क्लर्क के दौरान उसने साथी एएसआई राजबीर टीए क्लर्क के साथ मिलकर चार यूनीक आईडी में गबन के 44 लाख 35 हजार 475 रुपये डाले थे।

एसपी के अनुसार अकाउंट ब्रांच का पूरा रिकार्ड जब्त कर खंगाला जा रहा है। साथ ही जांच के लिए मामले में एसपी द्वारा डीएसपी इंद्री रणधीर सिंह के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है। सूत्रों के अनुसार मामले में पांच पुलिस अधिकारियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है, हालांकि इनके नामों का खुलासा नहीं किया गया है।

बता दें कि पुलिस को अकाउंट ब्रांच में 44.35 लाख रुपये के गबन होने की शिकायत मिली थी। शिकायत मिलते ही प्रारंभिक जांच डीएसपी राजीव से कराई गई। उसी आधार पर सिविल लाइन थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है। दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आगे की जांच के लिये डीएसपी इंद्री रणधीर सिंह की अध्यक्षता में एक एसआईटी का गठन किया गया है। जल्द ही पूरे मामले की गहनता से जांच कर अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जायेगा।

 

 

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