हरियाणा में पंचायती जमीनों पर खोली जाएंगी गोशालाएं, CM खट्टर ने दी मंजूरी

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हरियाणा में सड़कों पर बेसहारा घूमने वाली गायों के दिन बदलने वाले हैं। प्रदेश सरकार ने पंचायती जमीनों पर गोशाला खोलने का निर्णय लिया है। पंचायतें अपने क्षेत्र वाली गोचरान की जमीनें गोशालाओं तथा नंदीशालाओं के लिए पट्टे पर दे सकेंगे। साथ ही पशुओं के लिए चारे का बंदोबस्त करने के लिए अतिरिक्त जमीन मिलेगी। शुरूआत में जमीन का पट्टा 15 साल के लिए होगा।

हरियाणा के विकास एवं पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मंजूरी दे दी है। नई नीति के मुताबिक ग्राम पंचायतों को गोचरान की भूमि का उपयोग करने के प्रस्ताव को पास करना होगा। इसके बाद इच्छुक एजेंसियों को गोशाला और नंदीशाला बनाने के लिए हरियाणा गोसेवा आयोग के पास आवेदन करना होगा, जिसे जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित कमेटी को भेजा जाएगा।

मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के मुताबिक भूमि के उपयोग की अनुमति जिला कमेटी के अधिकारियों की उपस्थिति में बोली के माध्यम से दी जाएगी। गोशाला का निर्माण एक साल के अंदर करना होगा तथा चारे के लिए मिली जमीन पर कोई दूसरा काम नहीं होगा। अगर बोलीदाता एक ही है तो उस स्थिति में गोशाला की स्थापना को 5100 रूपये प्रति एकड़ तथा चारे के लिए 7100 प्रति एकड़ की दर से शुरूआत करनी होगी।

ओमप्रकाश धनखड़ के अनुसार 200 से 300 पशुओं के लिए एक एकड़, 500 से 700 पशुओं के लिए दो एकड़, एक हजार से 1,200 पशुओं के लिए तीन एकड़, दो हजार पशुओं के लिए चार एकड़ तथा इससे अधिक पशुओं के लिए पांच एकड़ भूमि दी जाएगी। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले सीजन से पहले ही पराली निस्तारण के लिए बनाई जाने वाली पराली औद्योगिक बायोमास नीति तथा पराली प्रबंधन नीति तैयार कर ले।

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