Home Breaking कुरुक्षेत्र में छाया गीता महोत्सव का रंग, पर्यटकों ने जमकर उठाया सांस्कृतिक कार्यक्रमों का लुत्फ

कुरुक्षेत्र में छाया गीता महोत्सव का रंग, पर्यटकों ने जमकर उठाया सांस्कृतिक कार्यक्रमों का लुत्फ

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Yuva Haryana

Kurukshetra, 10 Dec, 2018

अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2018 के क्राफ्ट मेले में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की ओर से इस वर्ष हरियाणा पंडाल पुरुषोत्तमपुरा बाग में स्थापित किया जा रहा है, जिसका उद्घाटन 13 दिसंबर को भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह करेंगे। इस दिन शाम को 6 बजे हरियाणा पंडाल के मुख्य मंच पर आच्छी पगड़ी, चौक्खी मूछ व युवाओं एवं युवतियों द्वारा पगड़ी बांधो प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी।

इस बात की जानकारी देते हुए कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा पंडाल का नामकरण सांस्कृतिक दर्शन के नाम से किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि इस पंडाल में हरियाणा के हस्तशिल्प के दर्शन होंगे। यह पंडाल कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एवं धरोहर हरियाणा संग्रहालय के प्रभारी व गीता जयंती महोत्सव 2018 सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन समिति के सदस्य डॉ. महासिंह पूनिया के मार्गदर्शन में बनेगा।

इस पंडाल में हरियाणा के अलग-अलग हिस्सों से अनेक शिल्पकार अपनी प्रतिभा का परिचय देंगे व प्रत्यक्ष रूप से हरियाणवीं हस्त शिल्प को बनाते हुए पर्यटकों को दिखाएंगे। प्रवक्ता ने बताया कि 13 दिसंबर को हरियाणा सांस्कृतिक दर्शन पंडाल में हरियाणा के मूछधारी बुड्ढ़ों की आच्छी पगड़ी, चौक्खी मूछ प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इस प्रतियोगिता में सभी बुजुर्ग रैम्प पर अपनी पगड़ी एवं मूछों का प्रदर्शन करेंगे। इसके लिए अलग से निर्णायक मंडल होगा।

जिस बुजुर्ग की सबसे अच्छी पगड़ी व मूछ होगी उसको कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड व हरियाणा सांस्कृतिक दर्शन पंडाल की ओर से सम्मानित किया जाएगा। इस प्रतियोगिता में 20 से अधिक मूछधारी व पगड़ीधारी बुजुर्ग प्रतियोगिता का हिस्सा बनेंगे। इसके साथ ही इस अवसर पर युवाओं व युवतियों द्वारा पगड़ी बांधने की प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाएगा।

इस प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन कर पगड़ी बांधने वाले लड़के एवं लड़कियों को भी सम्मानित किया जाएगा। हरियाणवीं पंडाल पिछले साल के मुकाबले अलग थीम पर आधारित है। इसके अतिरिक्त हर रोज पंडाल में रागिनी, हरियाणवी लोकनृत्य व हरियाणा की कला के अलग-अलग स्वरूप देखने को मिलेंगे।

महोत्सव के क्राफ्ट और सरस मेले में आज तीसरे दिन कुरुक्षेत्र व आसपास के शहरों से पर्यटकों और श्रद्धालुओं का आवागमन शुरू हो गया है। पर्यटकों ने मेले में जमकर खरीददारी की और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का लुत्फ उठाया। सबसे पहले उत्तराखंड से आए कलाकार प्रसिद्ध लोक नृत्य की प्रस्तुति देने के लिए जैसे ही मंच पर पहुंचे और अपने वाद्य यंत्रों पर थाप लगाई तो पर्यटक एकाएक इस घाट के सामने एकत्रित हो गए और पर्यटकों के हुजूम को देखकर कलाकारों ने भी पूरे उत्साह और जोश के साथ छपेली लोक नृत्य की प्रस्तुति दी।

 

इस प्रस्तुति के साथ ही पंजाब के जिंदवा और हिमाचल प्रदेश के सिरमौरी नाटी के लोक कलाकारों ने भी पर्यटकों को अपनी कला के मोहपाश में बांध कर रखा। उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र पटियाला की तरफ से कुरुक्षेत्र उत्सव में पहुंचे इन कलाकारों ने सुबह और सायं के समय खूब रंग जमाया।

महोत्सव के तीसरे दिन हरियाणा के बम्ब रसिया, राजस्थान के बाजीगरों और बहरुपियों ने भी पर्यटकों का खूब मनोरंजन किया। इस उत्सव में 23 दिसम्बर तक अलग-अलग चरणों में करीब 11 से ज्यादा प्रदेशों के 300 से ज्यादा लोक कलाकार पर्यटकों का मनोरंजन करेंगे। ये कलाकार ज्योतिसर पिहोवा और जींद के पांडु पिंडारा में भी प्रस्तुति देंगे।

हरियाणा के पर्यटन मंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा कि हरियाणा की पावन धरा कुरुक्षेत्र से एक बार फिर पवित्र ग्रन्थ गीता के उपदेश अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के माध्यम से पूरे विश्व में पहुंचेंगे।

रामबिलास शर्मा कुरूक्षेत्र के ब्रहमसरोवर के पावन तट पर शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2018 के क्राफ्ट व सरस मेले का शुभारम्भ करने के उपरांत बोल रहे थे। इससे पहले अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2018 के क्राफ्ट व सरस मेले का आगाज आचार्य नरेश कौशिक व 21 ब्राहमणों द्वारा किए गए मंत्रौच्चारण और शंख की सुरीली गूंज के साथ पर्यटन मंत्री रामबिलास शर्मा, केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने किया।

इस क्राफ्ट मेले में विभिन्न राज्यों की शिल्पकला को देखकर सभी मेहमान गदगद हो गए। पर्यटन मंत्री ने जैसे ही शिल्प व सरस मेले का शुभारम्भ किया, उसी समय 11 राज्यों के कलाकारों ने अपने-अपने प्रदेश के संगीत और वाद्य यंत्रों से निकली सुर और ताल ने ब्रहमसरोवर की फिजा ही बदल दी।

इस शिल्प मेले में विभिन्न राज्यों से शिल्पकार अपने-अपने प्रदेश की बेहद खुबसूरत शिल्पकला के साथ पहुंचे है।  इस शिल्पकला से ब्रहमसरोवर पर भारत की शिल्पकला को एक साथ देखा जा सकता है। इस प्रकार के सुनहरी अवसर राज्य सरकार के प्रयासों से ही देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को मिल पाएंगे।  इन शिल्पकारों में करीब 91 राष्ट्रीय स्तर के शिल्पकार, संत कबीर आवार्ड और स्टेट आवार्डी शामिल है।

हरियाणा के कुरूक्षेत्र में आयोजित किए जा रहे अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2018 के कार्यक्रमों की जानकारी लेने के लिए अब तक 25 से ज्यादा देशों में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की इंटरनेशनल गीता महोत्सव की वेबसाईट को 16 लाख से ज्यादा लोग क्लीक मिल चुके हैं। अहम पहलू यह है कि फेसबुक, टविटर, इंस्टाग्राम, गूगल प्लस पर भी 5 लाख 50 हजार से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं।

इतना ही नहीं यूनाईटेड स्टेट, भारत, मलेशिया, कनाडा, न्यूजीलैंड, चीन, कुवैत, फिलीपिन, जापान, कतर, रशियन, आस्टे्रलिया, हंगरी, वियतनाम, ग्रेट ब्रिटेन, फ्रांस, युके्रेन, जर्मनी, ब्राजील, पाकिस्तान, दक्षिण अफ्रिका, इटली, रुमानिया, ग्रीस, रिपब्लिक सरबिया आदि देशों के लोगों ने भी केडीबी की वेबसाईट का अवलोकन किया है।

उन्होंने बताया कि  अंतर्राष्ट्रीय  गीता महोत्सव में आम लोगों खासकर युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाईन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं को लेकर खासा उत्साह नजर आया। उन्होंने बताया कि निमंत्रण-पत्र डिजाईन प्रतियोगिता में 7700, रंगोली प्रतियोगिता में 12 हजार 500, फैंसी ड्रैस में 24 हजार 500, पेंसिल स्कैच पेंटिंग में 14 हजार 600, कार्ड एंड क्राफ्ट में 4400 और क्वीज प्रतियोगिता में 9400 लोगों ने भाग लिया है।

 

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