पूर्व मंत्री संपत सिंह का सीएम खट्टर पर हमला, कहा की हुई 356 घोषणाओं का हिसाब दें, फिर हिसार में रोड शो करें

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Vinod Saini, Yuva Haryana

Hisar

हिसार में पूर्व मंत्री संपत सिंह  ने कहा कि मुख्यमंत्री, हिसार में रोड शो करने से पहले इस बात का जवाब दें की उनके द्वारा हिसार में घोषित 356 घोषणाओं का क्या हुआ।  उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने हिसार में 29 दिसम्बर, 2014 से 21 नवम्बर, 2017 तक 356 घोषणायें की थी। उन सभी घोषणाओं पर अनुमानित लागत खर्चा 1714 करोड़ रू. होना था। पिछले 4 वर्षो में अब तक केवल 130 करोड़ रू. खर्च हुए है यानी केवल 7.5 प्रतिशत राशि खर्च हुई है। मुख्यमंत्री की घोषणा का यदि ये हाल है तो अन्य मंत्रियों और विधायकों की घोषणा पर कौन विश्वास करेगा।

सिंह ने कहा कि ये आंकड़े मुख्यमंत्री कार्यालय से सूचना के अधिकार से मार्च, 2018 में प्राप्त किये थे। उन्होंने कहा कि इनमें से 202 घोषणाओं का अनुमानित लागत बजट 1082 करोड़ 24 लाख रू. था पंरतु इन पर अब तक 1 पैसा भी खर्च नहीं किया गया है।

साथ ही पूर्व मंत्री संपत सिंह कहा कि अब तक केवल 70 घोषणाओं पर अनुमानित लागत खर्च 107 करोड़ 32 लाख के मुकाबलें केवल 54 करोड़ 40 लाख रू. ही खर्च करके काम पूरा कर दिया और इनमें से 17 घोषणायें तो बिना खर्चे ही पूरी हो गई। उन्होंने कहा कि 465 करोड़ रू. की 101 घोषणायें जिन पर काम शुरू हुआ है, उन पर अब तक केवल 76 करोड़ रू. खर्च हुए है। उन्होंने कहा कि 40.97 करोड़ रू. की 22 घोषणाओं को अव्यवहारिक (संभव नहीं है) घोषित कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि हिसार में 7 नये महिला कॉलेज खोलने की घोषणा में से 4 कॉलेज व कई स्कूल अपग्रेड किये है, जिनको बिना सरकारी भवन व बिना स्टॉफ के चालू करने की घोषणा करके लोगों को गुमराह किया गया है।

आदमपुर, बालसमंद व चौधरीवास महिला कॉलेजों की घोषणा कागजों पर ही रह गई। इसी तरह 15 रेलवे उपरगामी व भूमिगत पुलों की घोषणा कि गई थी जिनमें से 5 रेलवे पुल तो अव्यवहारिक घोषित कर दिये व 10 पुलों के लिये रेलवे मंत्रालय को केवल पत्र लिखकर इतिश्री कर दी। लगभग 114 घोषित सड़कों पर अनुमानित खर्च 498 करोड़ रू. में से केवल 40 करोड़ रू. खर्च हुए है। 57 सड़कों पर अब तक काम भी शुरू नहीं हुआ। सिंचाई विभाग की 36 घोषणाओं पर अनुमानित लागत खर्च 187 करोड़ रू. था, जिन पर केवल 2 करोड़ 80 लाख रू. खर्च हुए है। 29 नहरों व माईनरों पर तो अब तक कोई काम शुरू नहीं हुआ।

शहरी विकास विभाग की 17 घोषणाओं पर अनुमानित लागत खर्च 150 करोड़ रू. में से अब तक केवल 12 करोड़ रू. खर्च हुए है। शिक्षा विभाग की 24 घोषणाओं पर 115 करोड़ रू. में से केवल 10 करोड़ रू. खर्च हुए है। हांसी पुलिस जिला व कई थानें व चौकीयों की घोषणा बिना किसी खर्चे के पूरी कर दी गई है। हवाई अडड के लिये पिछले 3 वर्षों में 157 करोड़ 42 लाख रू. बजट में रखे गये, परंतु अब तक 1.81 करोड़ रू. ही खर्च हुए है। कहते है, हवाई अडडा उड़ान के लिये तैयार है। यही स्थिति दूसरे विभागों की है।

 

 

 

 

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