किसानों को मुआवजा देरी होने पर मिलेगा बयाज, फसल की रिपोर्ट के लिए मिलेंगे 72 घंटे

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Yuva Haryana
Bhiwani, 28 Nov, 2018
भिवानी जिला के किसानों के लिए राहत की खबर है। डीसी अंशज सिंह ने मासिक प्रेसवार्ता में बताया कि अब किसानों को उनकी बर्बाद फसलों का मुआवाजा मिलने में देरी होने पर मुआवजा 12 फीसदी ब्याज सहित मिलेगा। साथ ही उन्होने बताया कि अब वन्य पशुओं, बादल फटने व आसमानी बिजली गिरने पर होने वाले नुकसान पर भी किसानों को मुआवजा देना तय किया गया है।
बता दें कि डीसी डोक्टर अंशज सिंह डीआरडीए सभागार में मासिक प्रेसवार्ता कर रहे थे। इस दौरान उन्होने बताया कि किसानों की फसल बर्बाद होने पर उन्हे दिए जाने वाले मुआवजे की अंतिम तारिखें तय की गई हैं। अंतिम तारिख तक मुआवजा ना मिलने पर किसान को 12 फीसदी ब्याज सहित मुआवजा दिया जाया करेगा।
उन्होने बताया कि खरीफ की फसल के लिए 31 मार्च अंतिम तारीख तय हुई है और जल्द ही रबी की फसल के लिए भी अंतिम तारीख तय की जाएगी। साथ ही उन्होने बताया कि जो किसान अपनी फसलों का बिमा करवाते हैं उन्हे अपनी फसल बर्बाद होने पर 48 घंटे के अंदर विभाग को रिपोर्ट करनी होती थी जिसे अब 48 घंटे से बढा कर 72 घंटे किया गया है।
डीसी अंशज सिंह ने बताया कि जुलाई माह के अंत में हुई बेमोसम बारीस से इस बार जिला में एक लाख 6 हजार एकङ में जलभराव हुआ था, जिससे 64 हजार 610 एकङ में खङी फसलें प्रभावित हुई थी। उन्होने बताया कि जलभराव से जिला में 3944 एकङ में 25-33 फिसदी, 34604 एकङ में 33-50 फिसदी, 24938 एकङ में 51-75 फिसदी और 2124 एकङ में 100 फिसदी नुकसान होने का आंकलन किया गया है। डीसी ने बताया कि जिन किसानों ने अपनी खरीफ की फसलों का प्रधानमंत्री फसल बिमा योजना से बिमा करवाया था उन्हे कंपनी और जिन्होने नहीं करवाया था उन्हे सरकार की तरफ से निर्धारित मुआवजा दिया जाएगा। डीसी अंशज सिंह ने बताया कि इस बार जलभराव से बर्बाद कपास की फसल के लिए जिला में 52 करोङ रुपये और धान की फसल के लिए 18 करोङ रुपये मुआवजे के आ चुके हैं।
इसके साथ ही डीसी ने बताया कि शहर में स्वच्छता के लिए हर साल की तरह इस बार भी जनवरी में सर्वे होगा। इसके लिए अपने शहर को साफ रखने के लिए आमजन सहयोग करे और जहां तक संभव हो पोलोथिन का प्रयोग ना करें। उन्होने बताया कि शहर को स्वच्छता सर्वे में अच्छे नंबर पर लाने के लिए गिले कचरे का आसपास के क्षेत्रों में ही प्रबंधन के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होने बताया कि जिला में पूर्व सैनिकों की संख्या अधिक होने व उनकी समस्याओं के समाधान के लिए 6 दिसंबर को भीम स्टेडियम में पूर्व सैनिक पैंशन अदालत का आयोजन किया जाएगा और उसी दिन मौके पर ही पूर्व सैनिकों की पैंशन संबंधित समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
निश्चित तौर पर जिला प्रशासन द्वारा किसानों को मुआवजा देने के लिए अंतिम दिन तय करना और बर्बादी में वन्य पशु, आसमानी बिजली व बादल फटने को शामिल करना किसानों के लिए राहत होगी। पर बङा सवाल अब भी ये है कि आवारा पशुओं से होने वाली बर्बादी अब भी नुकसान में सामिल नहीं है। अब देखना होगा कि प्रशासन के ये निमय कितने कारगर सिद्ध होते हैं और किसानों को इनका कितना फायदा पहुंच पाता है।

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