ई-प्रणाली को लेकर सरकार और सरपंचों में सुलह

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Yuva Haryana,

Chandigarh, (05-04-2018)

चंडीगढ़ में हुई करीब छह घंटे की वार्ता के बाद हरियाणा सरकार और सरपंचों में आखिर सुलह हो ही गई। मुख्यमंत्री के बुलावे पर चंडीगढ़ में राज्य भर से आए सरपंचों के साथ ग्रामीण विकास एंव पंचायत मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने दो अलग-अलग दल से बातचीत की। राज्य सरकार जहां निलंबित ग्राम सचिवों को भी बहाल करने पर राजी हो गई है, और वहीं ब्लॉक स्तर पर चल रहे सरपंचों के धरने भी खत्म हो गए।

बता दें कि हरियाणा के करीब सात हजार सरपंच ई-पंचायत के विरोध में राज्य भर में पांच दिनों से धरने पर बैठे थे। मंगलवार को मुख्यमंत्री ने सरपंचों को बातचीत का न्योता दिया था। इसके बाद बुधवार को चंडीगढ़ पहुंचे सरपंचो के साथ मोर्चा ओमप्रकाश धनखड़ ने संभाला। बता दें कि सरकार से बातचीत के लिए सरपंचों के दो दल चंडीगढ़ पहंचे थे। एक दल ने धनखड़ के आवास पर डेरा डाला तो दूसरा दल ने पंचायत भवन पहुंच गया।

धनखड़ के आवास पर जमा सरपंचों के विरोधी तेवर थे, जबकि पंचायत भवन में पहुंचे सरपंच सरकार के हक में नजर आए। सरपंच चाहते थे कि ई-पंचायतें लागू नहीं होनी चाहिए, जिस कारण तीन बजे वार्ता फेल हो गई।

इसके बाद धनखड़ दूसरे से बात करने पंचायत भवन निकल गए। इससे पहले उन्होंने मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ भी चर्चा की। पंचायत भवन में धनखड़ ने अधिकतर मांगें मानने का एलान कर दिया। मुख्य मांग यह थी कि 31 मार्च तक अलॉट काम ई-पंचायत के दायरे में नहीं आएंगे। सभी सरपंचों को आइपेड, टैब और कंप्यूटर ऑपरेटर मिलेंगे।

पंचायत भवन से लौटने के बाद धनखड़ ने अपने आवास पर फिस पहले दल से बात की और उनके सामने वही बाते दोहराई, जो उन्होंने पंचायत भवन में मानी। बाद में सरपंच एसोसिएशन के प्रवक्ता नरवीर नेहरा ने कहा कि सरकार ने सभी मांगे स्वीकार कर ली है। इसलिए ब्लाक स्तर पर चल रहे धरने खत्म होंगे। सरपंच नारे लगाते हुए धनखड़ के आवास से रवाना हुए।

 

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