बेटियों को पढ़ाने का सरकार ने उठाया जिम्मा, छह जिलों में पायलेट प्रोजेक्ट

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Sahab Ram, Yuva Haryana

Chandigarh, 15 May, 2018

हरियाणा सरकार ने स्कूल न जाने वाली 11 से 14 वर्ष की आयु वर्ग की किशोरियों को सुविधा एवं शिक्षा प्रदान करने तथा सशक्त बनाने के लिए राज्य के सभी जिलों में किशोरियों के लिए (एसएजी) योजना लागू करने का निर्णय है। यह योजना आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से आईसीडीएस योजना की आंगनवाड़ी सेवाओं के मंच का उपयोग करते हुए लागू की जाएगी।

महिला एवं बाल विकास मंत्री कविता जैन ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री  मनोहर लाल के इस संबंध में एक प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दीे है। यह योजना पूरी तरह से किशोरी शक्ति योजना (केएसवाई) को प्रतिस्थापित करेगी।

कविता जैन ने कहा कि आरंभ में एसएजी को किशोरियों के लिए राजीव गांधी योजना (सबला) के नाम से पायलट आधार पर राज्य के छ: जिलों नामत: अंबाला, यमुनानगर, रोहतक, रेवाड़ी, कैथल और हिसार में शुरू किया गया था।

अब इस योजना के दायरे का विस्तार करते हुए राज्य के सभी जिलों में एसएजी को लागू करने का निर्णय लिया गया है।

सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों (डीपीओ) को भारत सरकार के निर्देशानुसार और निर्धारित प्रारूप में आधारभूत सर्वेक्षण करने और लाभार्थियों की संख्या के बारे जानकारी देने को कहा गया है ताकि केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को इस बारे सूचित किया जा सके।

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