हाईकोर्ट के आदेश से कच्चे हुए सरकारी कर्मचारियों को बचाने के लिए अध्यादेश लाएगी सरकार -कैप्टन अभिमन्यु

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 04 July, 2018
हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा है कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा हुड्डा सरकार की रेगुलराईजेशन पॉलिसी को रद्द करने के मामले में सरकार कर्मचारियों के हित में फैसला लेगी। उन्होंने कहा कि इस विषय में कानूनी राय ली जा रही है। इसके अलावा जो पक्के कर्मचारी कच्चे हुए हैं, उनके लिए सरकार अध्यादेश लाने पर भी विचार कर रही है, ताकि उन कर्मचारियों पर प्रभाव न पड़ सके। कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा दिये गए निर्णय पर सरकार सोच-समझ और गहन विचार-विमर्श करके ही कोई कदम उठाएगी।
उन्होंने कहा कि उद्यम नीति- 2015 बनने के बाद सरकार द्वारा प्रदेश में लगातार नए उद्योगों को लगाने के लिए बढ़ावा दिया गया और उद्यमियों को उद्योग लगाने के लिए सिंगल रूफ सिस्टम स्थापित किया ताकि उद्यमियों को सभी प्रकार की क्लीयरेंस एक छत के नीचे मिले। अब उद्यमियों को क्लीयरेंस के लिए कार्यालयों को चक्कर नहीं काटने पड़ते हैं। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि ईज ऑफ डुइंग बिजनेस रैंकिंग में 2014 में 14वें नंबर पर रहा हरियाणा आज नंबर वन है। 
    
उन्होंने कहा कि सरकार ने भर्ती घोटालों पर कार्रवाई करते हुए लोगों को जेल में डाला, ताकि ऐसा संदेश जाए कि गलत काम करने का परिणाम गलत ही होगा और सजा अवश्य मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकारें पहले घोटालों को उजागर ही नहीं करती थी , लेकिन हमारी सरकार ने तुरंत एक्शन लिया।
जाट आंदोलन पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि हिंसा किसी बात का हल नहीं है, आमजन को कानून को हाथ में लेने का कोई हक नहीं है। किसी अपराधी या दोष को सजा देना न्यायतंत्र का काम है। भीड़तंत्र से लोकतंत्र का खात्मा नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने का हक सबको है, लेकिन हिंसा करने का हक नहीं किसी को नहीं है। उन्होंने कहा कि जांच में बातें सामने आई हैं कि इसमें किसी न किसी की शरारत और साजिश अवश्य थी। इसलिए अपराधियों को सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अपराधी वर्ग को सामने रख कर बचने का प्रयास करता है, लेकिन यह समझना अवश्य है कि व्यक्ति अपराधी होता है, वर्ग अपराधी नहीं होता।

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