बेटे की शादी पर अब सरकार देगी 21 हजार रुपए, 4.5 लाख कर्मियों को मिलेगा योजना का लाभ

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Yuva Haryana

29, Jan, 2019

प्रदेश सरकार अब तक लड़की कर्मचारियों की शादी पर 51 हजार रुपये शगुन योजना के तेहत देती है, लेकिन 15 जनवरी से औद्घोगिक संस्थानों, मॉल, कॉल सेंटरों में काम करने वाले 30 लाख से अधिक कर्मचारियों के बेटों की शादी पर भी सरकार शगुन योजना के तहत 21 हजार रुपये देगी।

इसके साथ ही अगर कर्मचारी खुद अविवाहित है, तो उसे भी 21 हजार रुपये मिलेंगे।

सरकार ने आईआईटी, मेडिकल, एसएससी, यूपीएससी और एचपीएससी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 20 हजार से लेकर एक लाख रुपए तक कोचिंग शुल्क देने का फैसला किया है। नोटिफिकेशन जारी कर 15 जनवरी से दोनों योजनाओं को लागू कर दिया है।

बता दें कि अभी तक सरकार श्रमिक वेलफेयर स्कीमों के तहत श्रमिकों के बेटे-बेटियों की क्लास वन से 12वीं तक की पढ़ाई जारी रखने पर स्कूल की वर्दी, किताब कापी आदि खरीदने को वित्तीय सहायता देती थी।

अब बेटे की शादी में तीन दिन पहले धनराशि दी जाएगी। कर्मचारी को अपने संस्थान की मैनेजमेंट से शादी के आयोजन का प्रमाण देना होगा। 6 माह के अंदर शादी पंजीकृत करवाकर उसका प्रमाण पत्र विभाग को सौंपना होगा। 5 की बजाय इसे 3 वर्ष कर दिया गया है। जिनका वेतन 25 हजार से ऊपर है, उन्हें लाभ नहीं मिलेगा।

कोचिंग सहायता राशि का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें निर्धारित की गई हैं। जैसे श्रमिक कम से कम एक साल से संस्थान में कार्य कर रहा हो। जिस कोचिंग में बच्चा पढ़ना चाहता है, वह तीन साल से संचालित हो रही हो। कोचिंग में कम से कम 300 विद्यार्थियों को पढ़ाने की क्षमता हो। बच्चे के अंक 60 फीसदी तक हो। संबंधित कर्मचारी का वेलफेयर के तहत अंशदान होता हो।

श्रमिकों के बच्चों को व्यावसायिक कोचिंग के लिए भी अलग से 20 हजार से एक लाख रुपए तक आर्थिक सहायता शर्तों के अनुसार देगी। लेबर इंस्पेक्टर कल्याण कृष्ण राठी के अनुसार हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड द्वारा 1976 से छात्रवृति योजना के तहत श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए सरकार स्कॉलरशिप देती है।

इस योजना का लाभ लेने के लिए बच्चे के कम से कम 60 फीसदी अंक होने चाहिए। उन्होंने बताया कि बच्चे के लिए यह राशि स्टाफ सलेक्शन कमीशन (एसएससी), आईआईटी, मेडिकल, यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (आईएएस), हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन (एचपीएस) आदि के लिए दिए जाएंगे।

यूपीएससी और एचपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा पास करने के बाद मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

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