राज्यपाल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को दी श्रद्धांजलि

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 02 Oct, 2018

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत, स्वराज, समग्र विकास, मेक इन इंडिया, गरीबोत्थान का जो सपना संजोया था वर्तमान में उस सपने को देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साकार किया है।

यह उद्गार हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने आज गांधी जयंती पर राजभवन में आयोजित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और श्री लाल बहादूर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित करने उपरांत अपने उद्बोधन मे व्यक्त किए। इस अवसर पर महात्मा गांधी के प्रिय भजनों का गायन हुआ और सर्वधर्म प्रार्थना सभा की गई । इस प्रार्थना सभा में हिन्दु, इस्लाम, इसाई, सिख धर्मो के धार्मिक प्रचारको ने देश की एकता व अखण्डता का प्रवचनों व भजनों के माध्यम से संदेश दिया।

राज्यपाल आर्य ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने सर्वधर्म समन्वय का पाठ पढ़ाते हुए देश को एकसूत्र मे पिरोकर आजादी दिलाई। उन्होने महात्मा बुद्ध के बताए सत्य-अहिंसा के रास्ते पर चलते हए मानवता को शांति का संदेश दिया। इसके साथ-साथ देश को मजबूती प्रदान करने के लिए गांधी जी ने भंगीमुक्ति आंदोलन, सफाई आंदोलन, स्वच्छ भारत आंदोलन, छुआ-छूत आंदोलन जैसे कई आंदोलन चलाए। इन आंदोलनो को ही आगे बढाते हुए आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश में तेजी से कार्य कर रहे है। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आयुष्मान भारत योजना, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, सांसद आदर्श ग्राम योजना, कौशल विकास योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं जैसी कईं योजना को धरातल पर उतारकर महात्मा गांधी के सपने को मूर्त रूप दिया है।

उन्होने कहा कि देश के द्वितीय प्रधानमंत्री लाल बहादूर शास्त्री ने देश की स्वायतता और आत्मनिर्भरता का जो कार्य किया उसी की बदोलत आज भारतवर्ष न केवल सुरक्षा व खाद्यान्न की दृष्टि से आत्मनिर्भर है, बल्कि अन्य देशो को अनाज निर्यात करने व उन्हे सुरक्षा देने मे सक्षम है। शास्त्री जी ने जय जवान-जय किसान का नारा देकर देश में हरित क्रांति को आगे बढाया। उन्होने बहुत कम कार्यकाल में  ही देश की प्रगति में चार-चांद लगाए।

राज्यपाल आर्य ने गांधी व शास्त्री जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए  कहा कि अनेक महापुरूषों ने गांधी जी को आदर्श मानकर उनके जैसा जीवन जीया। जब हम इन दोनों महापुरूषों का विचार करते हैं तो हमें ज्ञान होता है कि भारत कैसा होना चाहिए। गांधी जी ऐसा भारत चाहते थे जिसमें गरीब से गरीब व्यक्ति महसूस करे कि यह मेरा देश है। ऐसा तभी होगा जब उसे राजनीतिक, आर्थिक व सामाजिक समानता मिलेगी। गांधी जी ऐसा भारत चाहते थे जिसमें सब समुदायों में समभाव हो, अस्पृश्यता कहीं देखने को न मिले,  जीवन में स्वच्छता हो और महिलाओं व पुरूषों को समान अधिकार मिलें और देश स्वस्थ हो।

उन्होने कहा है कि आज पूरा देश दोनों महान विभुतियों की जयंती पर्व के रूप में मना रहा है। इस अवसर पर उन्होने युवाओं का आहवान किया कि वें प्रण ले कि वह अनुशासन में रहे और एकता के सूत्र में बंध कर देश व प्रदेश की तरक्की के लिए कार्य करें तभी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और लाल बहादूर शास्त्री को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

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