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एक अप्रैल से ही शुरू होगा वित्त वर्ष, केंद्र सरकार ने दी सफाई

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Yuva Haryana, Chandigarh

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2020-21 शुरू होने की तारीख 1 अप्रैल से बदलकर 1 जुलाई नहीं की है। यह 1 अप्रैल से ही शुरू होगा। सोशल मीडिया पर वित्त वर्ष में बदलाव पर कुछ पोस्ट वायरल होने के बाद यह सफाई सामने आई है। केंद्र सरकार ने सोमवार को एक गजट नोटिफिकेशन जारी किया इसके मुताबिक आम लोगों के लिए कई सुविधाएं 1 अप्रैल की बजाय 30 जून तक बढ़ा दी गई है। वित्त वर्ष 2019 की अवधि 30 जून तक नहीं बढ़ी है, सिर्फ कुछ कंप्लायंस की अंतिम तारीखों को बढ़ाया गया है।

वित्त वर्ष खत्म होने की अवधि नहीं बढ़ाई है, सिर्फ ऐसे कंप्लायंस जिनका टैक्सपेयर्स और टैक्स अधिकारियों को 31 मार्च तक पालन करना होता है, उनके लिए यह अंतिम तारीख 30 जून तक बढ़ाई गई है।

  1. वित्त वर्ष 2018-19 की रिटर्न और रिवाइज्ड रिटर्न भरने की तारीख 30 जून 2020 तक बढ़ा दी गई है।
  2. वित्त वर्ष 2019 में 31 मार्च तक की आय करयोग्य होगी ना कि 30 जून तक की आय।
  3. वित्त वर्ष 2019-20 की आय  के लिए 31 मार्च 2020 तक की आय को ही करयोग्य आय की गणना में लिया जाएगा।
  4. 80सी, 80डी के तहत निवेश पर 30 जून तक क्लेम लिए जा सकते हैं।
  5. पीपीएफ/एलआईसी आदि में निवेश पर 30 जून 2020 तक 80सी के तहत डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है। इसी तरह मेडिक्लेम 80डी के तहत 30 जून 2020 तक डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है।
  6. नई एलआईसी-मेडिक्लेम पॉलिसी पीपीएफ-एनपीएस 2019-20 के लिए 30 जून 2020 तक डिडक्शन पात्र होंगे।

 किसी एक साल में पीपीएफ खाते में अधिकतम डिपॉजिट की सीमा ₹1.5 लाख है। यदि किसी व्यक्ति ने 30 मार्च 2020 तक कोई राशि पीपीएफ खाते में जमा नहीं की है और यदि वह अप्रैल से जून 2020 के बीच राशि जमा करता है तो वित्त वर्ष 2018-19 में धारा 80सी के तहत डिडक्शन पाने का पात्र होगा, हालांकि पीपीएफ के मौजूदा नियमों के मुताबिक ऐसा व्यक्ति सिर्फ वित्त वर्ष 2020-21 में एक बार सिर्फ डेढ़ लाख रुपए तक निवेश कर नहीं कर पाएगा क्योंकि पीपीएफ खाते में अधिकतम डिपॉजिट की सीमा 1.5 लाख है।

हाउसिंग लोन का 31 मार्च तक के ब्याज पर वित वर्ष 2019-20 के तहत डिडक्शन पाने का पात्र होगा। हालांकि 31 मार्च तक ड्यू किस्त 30 जून 2020 तक अदा की जाती है तो उस पर डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है।

 यदि कोई व्यक्ति अप्रैल से जून 2020 के दौरान अपने हाउसिंग लोन अकाउंट में राशि जमा करता है तो 80सी के तहत डिडक्शन पाने का पात्र होगा लेकिन यह शर्त है की राशि मार्च 2020 तक ड्यू होनी चाहिए।

एलआईसी मेडिक्लेम पॉलिसी के प्रीमियम, पीपीएफ, एनपीएस का भुगतान जिनका भुगतान 31 मार्च ड्यू है उनका भुगतान 30 जुन तक किया जा सकता है, उस पर डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है।

यदि कोई व्यक्ति ऐसा जो अप्रैल 2020 में ड्यू है वह 30 जून 2020 से पहले इसे चुका देता है तो वित्त वर्ष 2019-20 में इस पर डिडक्शन क्लेम कर सकता है।

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