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शहीदों के आश्रितों को नौकरी देगी हरियाणा सरकार

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Sahab Ram, Yuva Haryana

Chandigarh, 01 Oct, 2018

हरियाणा सरकार ने उन शहीदों या युद्ध के दौरान मृत्यु को प्राप्त हुए सैनिकों, जो श्रेणी- 1 या श्रेणी-2 के अधिकारी थे, के आश्रितों या परिजनों को श्रेणी-2 की नौकरियां प्रदान करने का निर्णय लिया है।

एक सरकारी प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि इससे पहले हरियाणा के मूल निवासी तथा सीमा पर मुठभेड़, आतंकी हमलों या दंगों के दौरान मृत्यु को प्राप्त हुए सशस्त्र बलों तथा अर्धसैनिक बलों के शहीद हुए कार्मिकों के आश्रितों या परिजनों में से एक पात्र जीवित पति या पत्नी या ॒आश्रित बच्चों को अन्य वित्तीय लाभों के अतिरिक्त श्रेणी-3 और श्रेणी-4 के पदों पर फीडर काडर में अनुकंपा आधार पर नियुक्ति दी जाती थी।

उन्होंने बताया कि अब सरकार ने निर्णय लिया है कि पात्र परिवारजनों को श्रेणी-2, 3 या 4 के पदों, जैसा भी मामला हो, में भर्ती हेतु संबंधित पद के लिए भर्ती नियमों में निर्धारित प्रावधानों तथा उनकी शैक्षणिक योग्यता और पात्रता मानदंडों को ध्यान में रखते हुए विचार किया जाएगा। हालांकि, आवेदक केवल ऐसे मामलों में श्रेणी-2 की नौकरी प्राप्त करने का पात्र होगा जहां शहीद या युद्ध के दौरान मृत्यु को प्राप्त हुआ सैनिक श्रेणी- 1 या 2 का अधिकारी रहा हो।

उन्होंने बताया कि श्रेणी- 2, 3 और 4 के पदों में अनुकंपा आधार पर नियुक्ति के लिए हरियाणा के मूल निवासी शहीद या युद्ध के दौरान मृत्यु को प्राप्त हुए सैनिकों के एक पात्र परिवारजन पर विचार किया जाएगा, जिसमें शहीद का पुत्र, पुत्री (विवाहित या अविवाहित) या पति या पत्नी या भाई या कानूनी रूप से गोद लिया पुत्र या पुत्री शामिल हैं, बशर्ते कि ऐसे पुत्र या पुत्री को शहीद या युद्ध के दौरान मृत्यु को प्राप्त सैनिक के जीवित रहते गोद लिया गया हो। शहीद या युद्ध में मृत्यु को प्राप्त हुए सैनिक के पात्र आश्रित या परिवारजन के लिए उसके प्रथम वारिस द्वारा दी गई वरीयता के अनुसार ही विचार किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि यह विचार तब भी स्वीकार्य होगा यदि शहीद या युद्ध के दौरान मृत्यु को प्राप्त सैनिक के एक से अधिक परिजन सेवा में हों। आयु (अनुसूचित जाति या पिछड़े वर्गों के लिए 5 वर्ष की छूट के साथ 18-42 वर्ष) तथा समय सीमा (इस नीति के लागू होने की तिथि से तीन वर्ष पहले) के संबंध में कोई भी छूट मंत्रिमंडल की पूर्व स्वीकृति से दी जाएगी।

शहीद या युद्ध के दौरान मृत्यु को प्राप्त सैनिक के आश्रित द्वारा नौकरी प्रदान करने के लिए अनुरोध शहादत के तीन वर्ष की अवधि के अंदर संबंधित उपायुक्त को करना होगा। यदि शहीद के पुत्र या पुत्री में से कोई भी व्यस्क नहीं है तो यह समय सीमा उसके बड़े पुत्र या पुत्री, जैसा भी मामला हो, द्वारा 18 वर्ष की आयु पूरी करने के उपरांत लागू होगी।

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