पक्के से कच्चे हुए करीब 5000 कर्मचारियों के लिये बन सकता है अलग से केडर

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Sahab Ram, Yuva Haryana

Chandigarh, 06 June, 2018

हरियाणा के करीब पांच हजार कर्मचारियों को बड़ी राहत मिल सकती है जो हाइकोर्ट के फैसले के बाद कच्चे हो गए हैं।

कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के आखिरी समय 2014 में नीतियां बनाकर पक्के किए गए 4654 कर्मचारियों को राहत मिल सकती है।

एडवोकेट जनरल बलदेव राज महाजन ने बताया कि बुधवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सरकार से कहा है कि कर्मचारियों के लिए कोई रास्ता निकाला जाए।

उन्होंने कहा कि कोर्ट ने सलाह दी है कि कर्मचारियों ना किया जाए बल्कि उनके लिए अलग से केडर बनाया जा सकता है जो रिटायर होते हैं उनकी पोस्ट खत्म की जा सकती है और उनकी जगह 10 साल से काम कर रहे इन कर्मचारियों को शामिल किया जा सकता है।

हाइकोर्ट की तरफ से दिए इस सुझाव के अभी लिखित आदेश नहीं आये हैं। ये सलाह जस्टिस रितु बाहरी की अदालत ने दी है।

सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से एडिशनल एडवोकेट जनरल लोकेश सिंघल हाईकोर्ट में पहुंचे थे। नियमितीकरण नीतियों को 2014 में हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।

सरकार ने मुख्य सचिव के नेतृत्व में  तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है। सरकार को कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार है।

इधर कर्मचारियों के संघठन और विपक्ष लगातार सरकार पर विशेष सत्र बुलाकर अध्यादेश लाने की मांग कर रहे हैं।

बुधवार रात को मंत्री समूह की हुई बैठक में कुछ ने अध्यादेश लाने तो कुछ ने सुप्रीम कोर्ट जाने की सलाह दी।

उधर, सर्व कर्मचारी संघ ने 7 जुलाई को रोहतक में बैठक बुलाई है। संघ के प्रधान धर्मबीर फौगाट व महासचिव सुभाष लांबा ने कहा कि सरकार मजबूती से पैरवी करने का खोखला दवा कर रही है।

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