सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने में जुटी हरियाणा सरकार, 4030 मेगावाट पूरा करने के लिए प्रयासरत

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Yuva Haryana

Chandigarh, 20 Sep, 2018

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वर्ष 2022 तक देश में सौर- ऊर्जा संयंत्रों के माध्यम से अतिरिक्त एक लाख मेगावाट ऊर्जा का उत्पादन करने के लक्ष्य में हरियाणा भी आगे आया है। सीएम मनोहर लाल के नेतृत्व में राज्य अपने 4030 मेगावाट हिस्से को पूरा करने के लिए प्रयासरत है।

इसके दृष्टिगत प्रदेश के सभी सरकारी भवनों की छत्तों पर 137 करोड़ रुपये की लागत से 24 मेगावाट के जीसीआरटी सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने को स्वीकृति प्रदान की है। इस आशय की स्वीकृति वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की अध्यक्षता में हुई वित्त व नव एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभागों की एक बैठक में लिया गया।

बैठक में वित्त मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी भवनों की छत्तों पर नवीकरणीय ऊर्जा सेवा कम्पनी के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाएं, ताकि इनका संचालन व रख- रखाव नियमित रूप से हो सके।

बैठक में इस बात की भी जानकारी दी गई कि किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (कैयूएसयूएम) अभियान के तहत 50 हजार सौर जल पम्प सेट्स स्थापित किए जाएंगे। साल 2018-19 के पहले चरण में 20 हजार व साल 2019-20 के दौरान 30 हजार ऐसे पम्प सेट्स  लगाने का प्रस्ताव है।

पहले चरण में 709.3 करोड़ रुपये खर्च  होने का अनुमान है जिसमें 75 प्रतिशत और 531.97 करोड़ रुपये राज्य हिस्से के रूप में शामिल हैं. जबकि 25 प्रतिशत हिस्सा उपयोगक्ता द्वारा वहन करना होगा।

इसमें इस बात से भी अवगत करवाया कि नवार्ड से ग्रामीण आधारभूत संरचना विकास निधि से 505.37 करोड़ रुपये का ऋण लेन का प्रस्ताव है, जिसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट भेज दी गई है। सौर-ऊर्जा संयंत्रों की अतिरिक्त ऊर्जा को ग्रिड से जोड़ने के लिए सार्वजनिक निजी सहभागिदारिता पद्घति अपनाई जाएगी ताकि डिस्कॉम पर भार कम हो।

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