दो महीने के बिजली बिल पर सरकार की सफाई, एच.ई.आर.सी. द्वारा निर्धारित दरों पर बनते हैं बिल

Breaking Uncategorized चर्चा में बड़ी ख़बरें सरकार-प्रशासन हरियाणा हरियाणा विशेष

Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 27 August, 2018

उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम ने स्पष्ट किया है कि हरियाणा बिजली विनियामक आयोग (एच.ई.आर.सी.) द्वारा निर्धारित बिजली दरों के अनुसार ही बिजली  के बिल बनाए जा रहे हैं।

दोमाही बिजली बिल की बजाय प्रति माह बिजली बिल जारी करने संबंधी सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज गलत व तथ्यहीन है। इस वायरल मैसेज के माध्यम से बिजली बिलों के संबंध में उपभोक्ताओं में भ्रांति फैलाई जा रही व गलत गणना करके अधिक बिल वसूले जाने की बात कही जा रही है, जबकि सच्चाई यह है कि दो माह में एक बार बिल आने से उपभोक्ता पर स्लैब का अतिरिक्त भार नहीं पड़ता, सभी स्लैब में प्रति माह के हिसाब से ही बिल बनाया जाता है। जैसे कि प्रतिमाह 50 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ता के लिए 2.70 रूपये प्रति यूनिट दर निर्धारित है। दो माह में एक बार बिल बनने पर 100 यूनिट बिजली खपत तक यही दर लागू रहती है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी बिजली उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हरियाणा बिजली विनियामक आयोग द्वारा बिजली की दरें निर्धारित की जाती हैं तथा बिल दरों में बिजली वितरण निगमों का कोई हस्तक्षेप नहीं होता।

उन्होंने बताया कि निगमों द्वारा दो माह में एक बार ही बिजली बिल वसूला जाता है। जिससे छोटे घरेलू एवं गरीब परिवारों के उपभोक्ताओं को प्रति माह बिल जमा करने की परेशानी से मुक्ति मिलती है व उपभोक्ताओं को बिल राशि जमा करने का पर्याप्त समय भी मिलता है।

उन्होंने बताया कि हरियाणा बिजली वितरण निगम अपने उपभोक्ताओं को सस्ती दरों पर निर्बाध और बेहत वोल्टेज की बिजली उपलब्ध करवाने के लिए वचनबद्ध हैं और उपभोक्ताओं से आग्रह करते हैं कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रांतियों को नजरअंदाज करें व बिजली व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने में निगमों का सहयोग करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *