बागवानी से करोड़ों कमा रहे अंबाला के युवा, पढ़े लिखे-विदेश से लौटे युवाओं की पसंद है बागवानी

खेत-खलिहान रोजगार हरियाणा विशेष

हरियाणा में बागवानी के कदम बढ़ रहे हैं, कलस्टर में बागवानी विकास अपनी गति पकड़ रहा है। अम्बाला जिले में किसान सब्जियों की खेती से भरपूर फसल ले रहे हैं। उनका मानना है कि सब्जियों की खेती करने से किसानों को हाथों-हाथ फसल के दाम मिल जाते हैं, जबकि धान एवं गेहूं की फसल के लिए किसान को छ: महीने का लम्बा इंतजार करना पड़ता है। सब्जियों की खेती की तरफ किसानों का ऐसा ऐसा रूझान बढ़ा है कि शिक्षित युवा भी बागवानी खेती को बिजनेस के रूप में लेने लगे हैं। यही नहीं, विदेश से पढ़ाई कर वापस लौटे युवा भी बागवानी की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

बड़े शहरों के आसपास के किसानों के लिए लाखों कमाने का जरिया है फूलों की खेती।

इसी जिले के गांव कोटकचुछा निवासी कमलजीत सिंह के अनुसार उनके परिवार के सदस्य 1995 से बागवानी की खेती करने लगे थे, उस समय 30 एकड़ भूमि में सब्जियों की खेती की जाती थी। आज 40 एकड़ भूमि पर मात्र सब्जियों की ही खेती की जाती है। इस खेती में लो-टरनल एवं सूक्ष्म सिंचाई विधि को अपनाया गया है, सब्जियों की खेती अन्य फसलों से बेहतर है, अगर किसान मेहनत और तकनीकी ज्ञान के साथ इस खेती को करे तो यह खेती उसे अच्छा मुनाफा दे सकती है। कमलजीत ने बताया कि आलू, मिर्च, खरबूजा, खीरा, गोभी एवं प्याज के साथ-साथ अन्य फसलें ली जा सकती हैं। इन फसलों से उनकी सालाना आय एक से डेढ करोड़ रुपये के लगभग है। उनकी खेती से प्रोत्सहित होकर उनके ब्लाक के 450 के लगभग किसानों ने 1200 एकड़ में सब्जियों की खेती करनी आरम्भ की है।
परंपरागत फसलों को कम कर कमाई वाली नकदी फसलों की ओर बढ़ रहे युवा किसान

इसी प्रकार, अम्बाला के गांव साईपुरा के रहने वाले विक्रम सिंह 12 एकड़ भूमि में विभिन्न प्रकार की अलग-अलग सब्जियों की खेती कर रहा है, जिनमें स्ट्रेकिंग, मलचिंग और लो-टरनल शामिल हैं। विक्रम ने बताया कि वर्श 2003 में वह बागवानी की खेती से जुड़ चुका था। आरम्भ में उसने 6 कनाल में मिर्च की खेती की शुरूआत की। उस समय मिर्च की खेती से उनकी आय 50 से 75 हजार रुपये के आसपास थी। मुनाफे को देखते हुए धीरे-धीरे खेती को बढ़ाना शुरू किया और वह आज 12 एकड़ भूमि पर सब्जियों की खेती कर रहा है। उन्होंने बताया कि एक एकड़ भूमि से मिर्च 200 क्विंटल, धनिया 60 क्विंटल निकल जाता है। विक्रम सिंह ने बताया कि वर्तमान में सब्जियों की सेल से उनकी आय 15 से 20 लाख रुपये है। यह सब्जियां आजादपुर मण्डी, दिल्ली भेजी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि सब्जियों की खेती करने में विभाग का काफी सहयोग मिलता रहा है। यही नहीं उनसे प्रेरणा लेकर आसपास के लगभग 30 किसान 70 एकड़ भूमि में सब्जियों की खेती कर रहे हैं।

जिला अम्बाला में 2490 हैक्टेयर क्षेत्र में बाग, 27978 हैक्टेयर क्षेत्र में सब्जियां, 595 हैक्टेयर क्षेत्र में मसाले, 36.6 हैक्टेयर क्षेत्र में मैडिसिनल फसल और 5.2 हैक्टेयर क्षेत्र में फूल की खेती हो रही है। इसके अतिरिक्त मशरूम का 93766 टन उत्पादन किया जा रहा है।

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