हरियाणा में पाताल की ओर बढ़ रहा भू- जल, कई जिलों में स्थिति गंभीर

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हरियाणा में भू-जल स्तर खतरनाक स्थिति में पंहुच गया है। प्रदेश के 122 जोन में से सिर्फ 30 जोन ही सेफ बचे है। भूमिगत जल के अत्यधिक दोहन से 64 खंड डार्क जोन में आ चुके है।

इसके अलावा 14 जोन क्रिटिकिल जोन में है। इनेलो विधायक रामचंद्र कंबोज ने तेजी से गिरते जा रहे भू- जल स्तर का मुद्दा विधानसभा में उठाया। 12 एमएएफ मिलीयन एकड़ फीट पानी की कमी से जुझाते प्रदेश के 64 ब्लाकों में पानी का अति दोहन बरकरार है।

3 साल में ट्युबेलों को संख्या 25 हजार बढ कर 9 लाख तक पंहुच गई। यही वजह है कि 1980 में आठ मीटर पर मिलने वाला भूमिगत जल अब 17 से 18 मीटर तक पहुंच गया है। प्रदेश को 32.76 एमएएफ पानी की जरुरत है, और मिलता है सिर्फ 20.73 एमएएफ भूमि से मिल रहा है।

जवाब देते हुए कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने कहा कि प्रदेश में सिर्फ रोहतक और झज्जर ही भूमिगत जल के मामले में सेफ जोन में है। सिरसा, पानीपत, कैथल, कुरुक्षेत्र के सभी क्षेत्र डार्क जोन में है, तो फरीदाबाद, गुड़गांव, फतेहबाद, अंबाला भिवानी, जींद, करनाल में स्थिति गंभीर है।

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