15 वर्षो का इंतजार होगा खत्म, हरियाणा में ग्रुप डी के पदों की भर्तियों पर खिलाड़ियों को 10 % आरक्षण

खेल हरियाणा हरियाणा विशेष

विधानसभा में बजट सत्र के आखिरी दिन सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए ये ऐलान किया कि हरियाण में 15 साल बाद ग्रुप ‘डी’ यानी चतुर्थ श्रेणी के खाली पड़े 34 हजार से अधिक पदों पर भर्तियां होंगी।

सरकार ने ग्रुप डी के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता में बदलाव कर इसे न्यूनतम 10वीं कर दिया है। ये योग्यता चौकीदार, स्वीपर और चौकीदार- कम- स्वीपर के पदों पर लागू नहीं होंगी।

मुख्यमंत्री खट्टर ने भरोसा देते हुए कहा कि 10 वर्षों में ग्रुप डी की नौकरीयों की कोशिश तो की गई, लेकिन भर्ती नहीं हुई। इस कैटेगरी के कुल 63 हजार 170 स्वीकृत पद है। इनमें से 33 हजार 170 रिक्त पद है और अब सभी को भरा जाएगा।

इन भर्ती का जिम्मा हरियाणा कर्मचारी चयन को दिया जाएगा, जिसमें चतुर्थ श्रेणी के पदों में उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए 10 फिसदी आरक्षण तय होगा।

खास बात ये है कि इन भर्तियों में इंटरव्यू नहीं लिए जाएंगे। केवल लिखिल परीक्षा और मैरिट के आधार पर नौकरियां मिलेंगी। सीएम ने कहा कि लिखित परीक्षा 90 अंक की होगी। इसके अलावा सामाजिक- आर्थिक मानदंड और अनुभव के अंक होंगे।

जिसके घर में एक भी सरकारी नौकरी नहीं है, उसे 5 अंक मिलेंगे।

इसी तरह से अनाथ और विधवा को भी 5 अंक मिलेंगे।

विमुक्त, टपरीवास और घुमंतु जाति के उम्मीदवारों के लिए भी अलग से 5 अंकों का प्रावधान किया गया है।

अनुबंध आधार पर नौकरी कर रहे कर्मचारियों को उनके अनुभव के आधार पर अधिकतम 8 अंक मिलेंगे।

बता दें कि 14 मार्च को क्लर्क के 6,134 पदों का परीक्षा परिणाम घोषित किया जाएगा।

प्रदेश में ये पहली बार होगा कि इन क्लर्क को 24 से 48 घंटो में ज्वाइनिंग भी करवा दी जाएगी और इन्हें जॉब स्टेशन मोबाईल और इंटरनेट पर मिलेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *